Delhi air quality: दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में शनिवार सुबह मामूली सुधार दर्ज किया गया। लगातार तीन दिन तक खराब श्रेणी में रहने के बाद राजधानी की हवा मध्यम श्रेणी में पहुंच गई। वायु गुणवत्ता में इस बदलाव से लोगों को कुछ राहत मिली है, हालांकि हवा अभी भी पूरी तरह साफ नहीं हुई है। ऐसे में प्रदूषण के प्रति संवेदनशील लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह 9 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 185 दर्ज किया गया। इससे पहले शुक्रवार शाम 4 बजे 24 घंटे का औसत AQI 230 रहा था। इस स्तर पर हवा खराब श्रेणी में थी। शनिवार सुबह दर्ज किया गया आंकड़ा 200 से नीचे आने के बाद मध्यम श्रेणी में शामिल हो गया।
तीन दिन तक खराब रही हवा, अब मध्यम श्रेणी में पहुंचा AQI
राष्ट्रीय राजधानी में पिछले तीन दिनों से वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी हुई थी। प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण हवा की गुणवत्ता को लेकर चिंता बनी हुई थी। शनिवार सुबह AQI में आई गिरावट ने कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन इसे प्रदूषण की समस्या पूरी तरह खत्म होने का संकेत नहीं माना जा सकता। CPCB के मुताबिक, वायु गुणवत्ता सूचकांक के जरिए हवा में प्रदूषण के स्तर को अलग-अलग श्रेणियों में बताया जाता है। AQI जितना अधिक होता है, हवा में प्रदूषण का स्तर उतना ही ज्यादा माना जाता है। इसलिए केवल एक समय पर दर्ज आंकड़े के बजाय लगातार होने वाले बदलावों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
बोर्ड के मानकों के अनुसार, शून्य से 50 के बीच AQI को अच्छी श्रेणी में रखा जाता है। 51 से 100 तक हवा संतोषजनक, जबकि 101 से 200 तक मध्यम श्रेणी में मानी जाती है। इसी तरह 201 से 300 के बीच AQI खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर श्रेणी में आता है। शनिवार सुबह दिल्ली का AQI 185 रहा, जो मध्यम श्रेणी में आता है। वहीं, शुक्रवार का 230 का औसत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया था। दोनों आंकड़ों में अंतर हवा की गुणवत्ता में सुधार को दर्शाता है। हालांकि, मध्यम श्रेणी में भी कुछ लोगों को प्रदूषण के कारण परेशानी हो सकती है, खासकर उन लोगों को जिन्हें पहले से सांस संबंधी दिक्कतें हैं।
सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 18.3 डिग्री, सामान्य से ज्यादा
प्रदूषण के स्तर में सुधार के साथ ही शनिवार को दिल्ली के न्यूनतम तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, सफदरजंग मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक था, लेकिन पिछले दिन के मुकाबले तापमान में 0.7 डिग्री की कमी आई। राजधानी के दूसरे मौसम केंद्रों पर भी न्यूनतम तापमान में मामूली गिरावट देखने को मिली। पालम में न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन से 0.7 डिग्री कम रहा। लोधी रोड मौसम केंद्र पर भी न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।आयानगर में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा। इन आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सुबह के तापमान में हल्का अंतर बना हुआ है। सफदरजंग में तापमान सामान्य से ऊपर होने के बावजूद पिछले दिन की तुलना में गिरावट दर्ज की गई।
दिन में 34 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान जताया है। वहीं, अगले कुछ दिनों तक आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। यानी दिन के समय गर्मी बनी रह सकती है, जबकि सुबह के तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान राजधानी के मौसम की आगामी स्थिति का संकेत देता है। हालांकि, आंशिक बादल छाए रहने और तापमान में बदलाव से वायु गुणवत्ता पर क्या असर पड़ेगा, इसे लेकर दिए गए आंकड़ों में कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं है। हवा में प्रदूषण का स्तर लगातार बदल सकता है, इसलिए ताजा AQI अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।
AQI मध्यम श्रेणी में पहुंचने के बावजूद प्रदूषण से पूरी तरह राहत नहीं मानी जा सकती। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। यदि बाहर रहने के दौरान खांसी, सांस लेने में परेशानी या आंखों में जलन जैसे लक्षण महसूस हों, तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। दिल्ली में शनिवार सुबह दर्ज किया गया 185 का AQI शुक्रवार के 230 के मुकाबले बेहतर है, लेकिन हवा की गुणवत्ता में आगे भी सुधार बना रहता है या नहीं, यह आने वाले दिनों के आंकड़ों से स्पष्ट होगा। फिलहाल राजधानी में प्रदूषण के स्तर में कमी और न्यूनतम तापमान में गिरावट दो प्रमुख बदलाव के रूप में दर्ज किए गए हैं।
Click Here👉दिल्ली से जुड़ी खबरें पढने के लिए इस लिंक पर जाएं

