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Delhi Pink Card Scheme: दिल्ली में पिंक कार्ड को लेकर बड़ी खबर: बिना इसके नहीं मिलेगी बसों में मुफ्त यात्रा

AAmandeep Singh
दिल्ली में पिंक कार्ड को लेकर बड़ी खबर: बिना इसके नहीं मिलेगी बसों में मुफ्त यात्रा
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दिल्ली। दिल्ली की सड़कों पर सरपट दौड़ती डीटीसी और क्लस्टर बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त सफर की सुविधा अब एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पिंक कार्ड’ योजना को लेकर परिवहन विभाग ने बड़ा अपडेट जारी किया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी की करीब 5 लाख महिलाएं इस डिजिटल सिस्टम का हिस्सा बन चुकी हैं, लेकिन एक बड़ी आबादी यानी करीब 2.5 लाख महिलाएं अब भी इस दायरे से बाहर हैं। डीटीसी ने साफ कर दिया है कि मुफ्त यात्रा का अधिकार पाने के लिए अब पिंक कार्ड का होना अनिवार्य है, अन्यथा महिलाओं को जेब ढीली कर टिकट खरीदना होगा।

डिजिटल सिस्टम से सफर होगा सुगम, जेब पर नहीं पड़ेगा बोझ

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यह पिंक कार्ड केवल एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि दिल्ली सरकार के उस वादे का हिस्सा है जो महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय को सुरक्षित और तेज परिवहन सुनिश्चित करता है। इस डिजिटल कार्ड के जरिए न केवल कंडक्टर से बार-बार टिकट लेने की झंझट खत्म होती है, बल्कि बसों में भीड़ और समय की बचत भी होती है। परिवहन विभाग का मानना है कि इस योजना से कामकाजी महिलाओं और छात्राओं के मासिक खर्च में बड़ी बचत हो रही है। बिना किसी कागजी कार्यवाही के, बस में चढ़ते ही यह कार्ड मुफ्त यात्रा का पास बन जाता है।

“भीड़ कम है, अभी बनवा लें कार्ड”: डीटीसी की खास अपील

दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने उन महिलाओं के लिए चेतावनी और अपील दोनों जारी की है, जो अब तक इस डिजिटल मुहिम से नहीं जुड़ी हैं। निगम के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में आवेदन केंद्रों पर स्थिति सामान्य है और कार्ड बनवाने की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। आने वाले दिनों में नियमों में सख्ती बरती जा सकती है, जिसके तहत बिना कार्ड के यात्रा को ‘बिना टिकट’ माना जाएगा। ऐसे में आखिरी समय की भागदौड़ और केंद्रों पर लगने वाली लंबी कतारों से बचने के लिए महिलाओं को जल्द से जल्द अपना पंजीकरण करा लेना चाहिए।

भविष्य में बिना कार्ड नहीं मिलेगी रियायत

विभाग ने जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट किया है कि पिंक कार्ड योजना को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाने की तैयारी है। इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले समय में बसों में तैनात मार्शल और चेकिंग टीमें केवल कार्ड दिखाने पर ही मुफ्त सफर की अनुमति देंगी। परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से न केवल मुफ्त यात्रा करने वाली सवारियों का सटीक डेटा मिलेगा, बल्कि फर्जीवाड़ा रोकने में भी मदद मिलेगी। अगर आप भी दिल्ली की बसों में रोजाना सफर करती हैं और अब तक आपका कार्ड नहीं बना है, तो यह समय आपके लिए सचेत होने का है।

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