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Rohtak Road Waterlogging Solution: रोहतक रोड पर जलभराव का दंश होगा खत्म: दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर तक बड़ी राहत

AAmandeep Singh
रोहतक रोड पर जलभराव का दंश होगा खत्म: दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर तक बड़ी राहत
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रोहतक। पश्चिमी दिल्ली के लाखों लोगों और हरियाणा से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह खबर किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। रोहतक रोड (NH-10) पर पिछले 10-12 सालों से मॉनसून के दौरान जो नरक जैसी स्थिति बनती थी, उसे अब हमेशा के लिए खत्म करने की तैयारी है। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने रविवार को नांगलोई क्षेत्र का दौरा कर 18.2 किलोमीटर लंबे स्टॉर्म वॉटर ड्रेन प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। मंत्री ने भरोसा दिया कि इस ड्रेन का 16 किलोमीटर का हिस्सा तैयार हो चुका है और शेष 2.2 किलोमीटर का काम अगले दो महीनों के भीतर निपटा लिया जाएगा।

उद्योग नगर से टिकरी बॉर्डर तक नहीं थमेगी रफ्तार

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दिल्ली का यह हिस्सा बारिश के दिनों में किसी तालाब में तब्दील हो जाता था। उद्योग नगर मेट्रो स्टेशन से लेकर टिकरी बॉर्डर तक करीब 10 किलोमीटर के दायरे में पानी भरने से न केवल ट्रैफिक रेंगने लगता था, बल्कि सड़क भी पूरी तरह जर्जर हो जाती थी। इस समस्या को सुलझाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने सड़क के दोनों ओर 1.2 मीटर से लेकर 2.25 मीटर तक चौड़ी आरसीसी ड्रेन बनाने का काम युद्धस्तर पर चलाया है। 113.98 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार हो रही यह ड्रेन भारी बारिश के दौरान भी पानी को हिरणकूदना तक आसानी से ले जाएगी।

इन कॉलोनियों की भी दूर होगी टेंशन

इस महा-परियोजना का लाभ केवल मुख्य सड़क को ही नहीं, बल्कि आसपास बसी घनी आबादी को भी मिलेगा। किराड़ी सुलेमान ड्रेन के पानी को सप्लीमेंट्री ड्रेन में मोड़ने के लिए सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग भी करीब 23.5 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। मंत्री के अनुसार, इस डाइवर्जन से किराड़ी एक्सटेंशन-2, वीणा एनक्लेव और जेजे कॉलोनी जैसे इलाकों के उन हजारों घरों को जलभराव से मुक्ति मिलेगी, जो हर साल बारिश में घुटने-घुटने पानी में डूब जाते थे। यह प्रोजेक्ट वेस्ट दिल्ली के ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर में पिछले कई सालों का सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है।

जाम से मुक्ति और व्यापार को मिलेगी गति

रोहतक रोड दिल्ली को हरियाणा के रोहतक, हिसार और सिरसा जैसे जिलों से जोड़ने वाली लाइफलाइन है। जलभराव के कारण मुंडका और नांगलोई के इंडस्ट्रियल एरिया का कामकाज भी प्रभावित होता था। ड्रेनेज सिस्टम ठीक होने से अब बारिश के दौरान फैक्ट्रियों में पानी घुसने और माल की ढुलाई बाधित होने जैसी दिक्कतें खत्म होंगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह काम दो महीने में पूरा हो गया, तो इस बार का मॉनसून पिछले एक दशक में सबसे सुखद होगा।

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