Delhi SIR Protest Update: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई प्रमुख नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके अलावा जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और मिंटो ब्रिज समेत राजधानी के अलग-अलग इलाकों से 1,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग लगाकर लोगों की आवाजाही रोकने की कोशिश की। दोपहर करीब 1 बजे इम्तियाज अली मार्ग पर आकाशवाणी भवन के पास स्थिति तनावपूर्ण हो गई। यहां प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने के बाद पुलिस पर पत्थर फेंके। इस दौरान दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग भी तोड़ दी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से खदेड़ा और हिरासत में लेना शुरू कर दिया। इसी घटनाक्रम के दौरान एक प्रदर्शनकारी के सिर में चोट लग गई और उसका सिर फट गया। पुलिस की कार्रवाई केवल जंतर-मंतर तक सीमित नहीं रही। अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे लोगों को रोका गया। हिरासत में लिए गए लोगों में कई राजनीतिक नेता और सामाजिक संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता भी शामिल बताए गए हैं। प्रदर्शन के कारण राजधानी के कई इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई और लोगों की आवाजाही पर नजर रखी गई।
अभिजीत दीपके, ध्रुव राठी समेत कई नेता हिरासत में
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को मुंबई से दिल्ली पहुंची फ्लाइट के अंदर से ही हिरासत में ले लिया गया। उनके साथ CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को भी पुलिस अपने साथ ले गई। हिरासत में लिए जाने से पहले दीपके ने कहा, “हम यहां गिरफ्तार होने आए हैं, आइए और हमें गिरफ्तार कर लीजिए।” उनका कहना था कि वे प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं।
यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी सुबह गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह प्रदर्शन में शामिल होने के लिए विदेश से आए थे। इसके अलावा केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार और CPM सांसद जॉन ब्रिटास को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शन के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं की हिरासत को लेकर राजनीतिक हलचल तेज रही। पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर लोगों को रोककर अपने नियंत्रण में लिया। वहीं, प्रदर्शनकारी मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए अपना विरोध दर्ज कराने की कोशिश कर रहे थे। आकाशवाणी भवन के पास हुई धक्कामुक्की और पत्थरबाजी के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। मनीष सिसोदिया समेत AAP नेता चंडीगढ़ में चुनाव कार्यालय घेरने निकले, पुलिस से धक्कामुक्की के बाद हिरासत में लिए गए
CJP की मांग- मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा हो
CJP मतदाता सूची में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। संगठन ने SIR की प्रक्रिया रोकने की भी मांग उठाई है। इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शनकारी दिल्ली में जुटे थे। उनका विरोध चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर केंद्रित था। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी भी दी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब दीपके को तय करना है कि वह प्रदर्शन जारी रखने के लिए हिरासत में रहेंगे या दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र स्थित अपने घर लौटेंगे। इस घटनाक्रम ने प्रदर्शन के बीच उनके सामने व्यक्तिगत और राजनीतिक, दोनों तरह की स्थिति खड़ी कर दी है। फिलहाल दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुई हिरासत और पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव को लेकर घटनाक्रम जारी है। हिरासत में लिए गए लोगों की अंतिम संख्या, उनकी रिहाई और घायलों की स्थिति से जुड़ी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।

