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Cooking Oil Expiry: कहीं आपकी रसोई में रखा सरसों का तेल जहर तो नहीं बन रहा? ऐसे करें खराब तेल की पहचान

GGaganpreet Kaur
कहीं आपकी रसोई में रखा सरसों का तेल जहर तो नहीं बन रहा? ऐसे करें खराब तेल की पहचान
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Cooking Oil Expiry: Does Cooking Oil Expire? रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाला कुकिंग ऑयल क्या कभी एक्सपायर भी होता है? ज्यादातर लोग महीनों पुराना तेल इस्तेमाल करते रहते हैं, खासकर सरसों के तेल को लेकर धारणा है कि यह कभी खराब नहीं होता। लेकिन खाद्य विशेषज्ञों के अनुसार, हर खाद्य तेल की एक तय शेल्फ लाइफ होती है, जिसके बाद वह सेहत के लिए जहर बन सकता है।

भारतीय रसोई में बिना तेल के खाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती। अक्सर लोग राशन का खर्च बचाने या बार-बार बाजार भागने से बचने के लिए एक ही बार में 5 या 15 लीटर का बड़ा केन खरीद लेते हैं। हफ्तों और महीनों तक इसी तेल से खाना बनता रहता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस तेल का आप इस्तेमाल कर रहे हैं, वह अंदर ही अंदर खराब हो चुका हो? आमतौर पर लोग दवाइयों या डिब्बाबंद फूड्स की एक्सपायरी तो चेक करते हैं, लेकिन खाने वाले तेल को लेकर लापरवाह रहते हैं। खासकर उत्तर भारत के घरों में सरसों के तेल को लेकर यह मान लिया जाता है कि यह सालों-साल खराब नहीं होगा। मगर विज्ञान और फूड एक्सपर्ट्स की राय इससे बिल्कुल जुदा है।

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ऑक्सीजन और रोशनी बनते हैं तेल के दुश्मन

खाद्य वैज्ञानिकों के अनुसार, कुकिंग ऑयल चाहे कोई भी हो, समय के साथ उसकी गुणवत्ता, स्वाद और खुशबू में बदलाव आना तय है। तेल के खराब होने की इस वैज्ञानिक प्रक्रिया को ‘रेंसिडिटी’ (Rancidity) कहा जाता है। दरअसल, तेल में मौजूद फैटी एसिड्स जब हवा (ऑक्सीजन), तेज रोशनी और चूल्हे के आसपास की गर्मी के संपर्क में लगातार आते हैं, तो उनका ऑक्सीकरण होने लगता है। इस रासायनिक बदलाव के कारण तेल के भीतर हानिकारक फ्री रेडिकल्स और केमिकल कंपाउंड्स बनने लगते हैं। ऐसा तेल न सिर्फ खाने का स्वाद बिगाड़ता है, बल्कि एसिडिटी, फूड पॉइजनिंग और लंबे समय में दिल की बीमारियों का कारण भी बन सकता है।

सरसों के तेल को लेकर क्या है टाइमलाइन?

अगर बात शुद्ध सरसों के तेल की करें, तो इसकी अपनी एक तय शेल्फ लाइफ होती है। अगर सरसों के तेल की बोतल पूरी तरह सीलबंद है और उसे सीधे धूप से दूर किसी ठंडी जगह पर रखा गया है, तो वह पैकिंग की तारीख से 9 महीने से लेकर 1 साल तक सुरक्षित रह सकता है। लेकिन असली खेल बोतल या डिब्बा खुलने के बाद शुरू होता है। सील टूटने के बाद हवा के संपर्क में आते ही इसकी म्याद घट जाती है। डॉक्टरों और शेफ्स के मुताबिक, खुली हुई बोतल के सरसों तेल को 4 से 6 महीने के भीतर हर हाल में खत्म कर लेना चाहिए। इसके बाद तेल में वो गुण और शुद्धता नहीं बचती।

खराब हो चुके तेल को कैसे पहचानें?

अपनी रसोई में रखे तेल की शुद्धता जांचना बेहद आसान है, इसके लिए बस आपकी सजगता जरूरी है। अगर कढ़ाई में डालते समय या डिब्बा खोलते ही तेल से सामान्य से हटकर कोई अजीब, तीखी या बासी गंध आए, तो समझ जाएं कि तेल इस्तेमाल के लायक नहीं रहा। इसके अलावा, अगर तेल का रंग पहले की तुलना में काफी गहरा या मटमैला दिखने लगे, या फिर उंगली पर लेकर चखने पर उसमें कड़वाहट या कसैलापन महसूस हो, तो उसे तुरंत फेंक देने में ही भलाई है। कई बार लोग एक बार पूड़ी या पकौड़े तलने के बाद बचे हुए तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल करते हैं, यह आदत तेल को सबसे तेजी से टॉक्सिक (जहरीला) बनाती है।

समझदारी इसी में है कि छोटे पैक खरीदें

इस समस्या से बचने का सबसे सीधा और व्यावहारिक तरीका यह है कि आप अपनी रसोई की जरूरत को समझें। अगर आपके घर में तली-भुनी चीजें कम बनती हैं और तेल की खपत सीमित है, तो बड़ा कंटेनर खरीदने के लालच से बचें। हमेशा छोटे पैक या 1-1 लीटर की बोतलें खरीदें ताकि तेल लंबे समय तक खुला न रहे और फ्रेश बना रहे। इसके अलावा, सुपरमार्केट या किराना दुकान से तेल उठाते समय उसके लेबल पर छपी मैन्युफैक्चरिंग डेट और ‘बेस्ट बिफोर’ की तारीख देखना कभी न भूलें। रसोई में भी तेल के डिब्बे को गैस के चूल्हे के ठीक बगल में रखने के बजाय किसी बंद और ठंडी अलमारी में स्टोर करें।

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