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Dog Last Time Death Signs: बेजुबान की आखिरी विदाई: दुनिया छोड़ने से पहले आपका वफादार कुत्ता देता है ये 5 मूक संकेत

GGaganpreet Kaur
बेजुबान की आखिरी विदाई: दुनिया छोड़ने से पहले आपका वफादार कुत्ता देता है ये 5 मूक संकेत
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Dog Last Time Death Signs: इंसानी रिश्तों में भले ही उतार-चढ़ाव आ जाएं, लेकिन एक पालतू कुत्ते का अपने मालिक के प्रति प्यार कभी कम नहीं होता। वह घर के सदस्य की तरह जिंदगी के एक लंबे हिस्से का गवाह बनता है। मगर कुदरत का नियम है कि जो आया है, उसे जाना होगा। अमूमन एक स्वस्थ कुत्ते की आयु 12 से 15 साल के बीच सिमट जाती है। जब बुढ़ापा हावी होने लगता है और सांसों की मियाद घटने लगती है, तो यह बेजुबान बोलकर तो कुछ नहीं कह पाता, लेकिन उसके व्यवहार में कुछ ऐसे गहरे और शांत बदलाव आने लगते हैं जो चीख-चीखकर कहते हैं कि अब विदाई का वक्त करीब है।

पसंदीदा भोजन से दूरी और गहराती सुस्ती: सिमटने लगती है उनकी दुनिया

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मौत के कुछ महीने या दिन पहले सबसे पहला और बड़ा बदलाव कुत्ते की भूख में देखने को मिलता है। जो कुत्ता कभी अपनी पसंदीदा ट्रीट्स (Treats) या पैडीग्री देखकर पूंछ हिलाने लगता था, वह खाने की तरफ देखता तक नहीं। आप उसका सबसे अजीज खाना उसके सामने रख दें, तो भी वह उदासीन बना रहता है। इसके साथ ही उसकी ऊर्जा का स्तर एकदम गिर जाता है। दौड़ना-कूदना तो दूर, वह रोजाना की वॉक पर जाने से भी कतराने लगता है। उसकी दुनिया घर के एक छोटे से हिस्से तक सीमित हो जाती है। वह बुलाने या आवाज देने पर भी वैसी प्रतिक्रिया नहीं देता, जैसी वह सालों से देता आ रहा था।

शरीर का ठंडा पड़ना और अनजाने में मल-मूत्र का त्याग: टूटने लगती है हिम्मत

जैसे-जैसे अंतिम क्षण पास आते हैं, कुत्ते का शरीर जवाब देने लगता है। आमतौर पर कुत्ते अपनी जीभ बाहर निकालकर जोर-जोर से हांफते हैं, लेकिन आखिरी वक्त में उनकी सांसें बेहद धीमी, भारी और अनियमित हो जाती हैं। मांसपेशियों की ताकत पूरी तरह खत्म होने के कारण वे चलते-चलते लड़खड़ा कर गिर जाते हैं।

सबसे दर्दनाक बदलाव तब देखने को मिलता है जब उनके शरीर का तापमान गिरने लगता है। अगर आप उनके कान या पंजों को छुएंगे, तो वे बिल्कुल ठंडे महसूस होंगे। इस चरण में वे अपने शारीरिक अंगों पर से नियंत्रण खो देते हैं, जिसके चलते वे बिना उठे ही, लेटे-लेटे अनजाने में मल-मूत्र का त्याग करने लगते हैं। यह वह वक्त होता है जब मालिक को अपने इस दोस्त की हालत देखकर सबसे ज्यादा तरस आता है।

दो अलग मिजाज: या तो अंधेरे कोने में छिपना या मालिक से अटूट लगाव

मरने से पहले हर कुत्ते का व्यवहार एक जैसा नहीं होता; वे मुख्य रूप से दो तरह की प्रवृत्तियों को दर्शाते हैं। कुछ कुत्ते पूरी तरह से सामाजिक दूरी बना लेते हैं। वे घर का कोई ऐसा शांत, सुनसान या अंधेरा कोना (जैसे बेड या सीढ़ियों के नीचे) चुन लेते हैं जहां कोई उन्हें परेशान न करे। वे अकेले ही इस दुनिया से जाना पसंद करते हैं।

इसके विपरीत, कुछ कुत्ते इस मुश्किल घड़ी में भावनात्मक सुरक्षा ढूंढते हैं। वे अपने मालिक से एक पल के लिए भी दूर नहीं होना चाहते। मालिक घर में जहां-जहां जाएगा, वे अपनी आखरी ताकत बटोरकर उनके पीछे-पीछे घिसटेंगे। वे बार-बार मालिक का इंसानी स्पर्श चाहते हैं, क्योंकि आपका सहलाना और गले लगाना उन्हें इस अंतिम सफर के दर्द को सहने की हिम्मत देता है। एक समझदार मालिक होने के नाते, इस संवेदनशील समय में अपने वफादार साथी को भरपूर प्यार, धैर्य और गरिमापूर्ण विदाई देना ही हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है।

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