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EPFO Minimum Pension Hike: EPFO का बड़ा फैसला: न्यूनतम पेंशन बढ़कर होगी 3000 रुपये, मनसुख मांडविया ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

AAmandeep Singh
EPFO का बड़ा फैसला: न्यूनतम पेंशन बढ़कर होगी 3000 रुपये, मनसुख मांडविया ने प्रस्ताव को दी मंजूरी
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दिल्ली। भविष्य निधि के दायरे में आने वाले कर्मचारियों और देश भर के पेंशनभोगियों के लिए यह साल एक बड़ा वित्तीय तोहफा लेकर आने वाला है। ईपीएफओ की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था, सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) के वरिष्ठ सदस्य एसपी तिवारी ने दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की फाइल अब आखिरी टेबल पर है। हालांकि, देश भर के विभिन्न पेंशनर संगठन लंबे समय से न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर ₹7,500 करने की मांग कर रहे थे, लेकिन तिवारी ने स्पष्ट किया कि वित्तीय गणित को देखते हुए ₹7,500 देना फिलहाल मुमकिन नहीं है। ईपीएफओ अपने मौजूदा संसाधनों और ब्याज की कमाई के दम पर सभी 40 लाख लाभार्थियों को बिना किसी अतिरिक्त बोझ के हर महीने ₹3,000 देने की स्थिति में आ चुका है।

जुलाई से पीएफ निकासी का बदलेगा अंदाज, ईपीएफओ 3.0 की दस्तक

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पेंशन के मोर्चे पर मिल रही इस बड़ी राहत के साथ-साथ ईपीएफओ अपने पूरे सिस्टम को भी डिजिटल तौर पर री-इंजीनियर कर रहा है। आगामी 1 जून से संगठन का नया और अत्याधुनिक ‘EPFO 3.0’ पोर्टल लाइव होने जा रहा है। इस पोर्टल के शुरू होते ही पीएफ और पेंशन से जुड़े कई पुराने नियम बदल जाएंगे। इसी के हिस्से के रूप में जुलाई महीने से यूपीआई (UPI) आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर सेवा शुरू होने जा रही है। अब आपको अपने पीएफ का पैसा निकालने के लिए दिनों तक इंतजार नहीं करना होगा, यह सीधे आपके यूपीआई से जुड़े खाते में क्रेडिट हो जाएगा।

निकासी पर लगेगा ‘कैप’, लेकिन सैलरी लिमिट बढ़ने से होगा बंपर फायदा

हालांकि, नई व्यवस्था में एक पेच भी शामिल किया गया है। नए नियमों के अनुसार, कोई भी कर्मचारी आपात स्थिति में अपने हिस्से की कुल जमा राशि का केवल 50 प्रतिशत ही ऑनलाइन पीएफ के तौर पर निकाल सकेगा। कंपनी या नियोक्ता (Employer) द्वारा जमा किए गए हिस्से की रकम को नौकरी में रहते हुए बीच में निकालने पर पूरी तरह रोक रहेगी।

इसके साथ ही नौकरीपेशा वर्ग के लिए एक और सुखद संकेत यह है कि पीएफ कटौती के लिए तय मूल वेतन (Basic Salary + DA) की अधिकतम सीमा जो अभी तक महज ₹15,000 थी, उसे बढ़ाकर ₹25,000 करने की तैयारी है। इस सीमा के बढ़ने का सीधा मतलब यह है कि कर्मचारियों का पीएफ फंड अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ेगा, जिससे रिटायरमेंट के वक्त उनके हाथ में एक बड़ा कॉर्पस (मोटी रकम) आएगा।

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