October 1, 2026

Faridabad Crime: फरीदाबाद में BJP विधायक के नाम का फर्जी लेटरहेड और मुहर जब्त, आधार कार्ड के नाम पर ठगी करने वाला गिरफ्तार

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Faridabad Crime: स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में जनप्रतिनिधियों के नाम और उनकी आधिकारिक साख का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा करने का एक बेहद सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है।

एनआईटी विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक सतीश फागना की जाली स्टैंप, लेटरहेड और डिजिटल सिग्नेचर तैयार कर आधार कार्ड अपडेट करने वाले एक जालसाज को फरीदाबाद पुलिस ने धर दबोचा है। (Satish Phagna BJP MLA Faridabad) पकड़ा गया आरोपी पर्वतीय कॉलोनी में पहले जन सुविधा केंद्र (CSC) चलाता था और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से बचाने का झांसा देकर सीधे-साधे लोगों से मोटी रकम ऐंठ रहा था।

पत्नी का आधार सुधरवाने गया था दफ्तर, वहीं से मिला फर्जीवाड़े का ‘आइडिया’

पुलिस प्रवक्ता यशपाल से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी की पहचान सौरभ के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासा किया, उसने पुलिस और विधायक कार्यालय के स्टाफ को भी हैरान कर दिया। (Satish Phagna BJP MLA Faridabad) दरअसल, कुछ समय पहले सौरभ अपनी पत्नी के आधार कार्ड में संशोधन कराने के लिए विधायक सतीश फागना के कार्यालय पहुंचा था।

वहां उसने टेबल पर रखे विधायक के आधिकारिक लेटरहेड, मुहर और हस्ताक्षर के पैटर्न को ध्यान से देखा और वहीं से उसके दिमाग में जाली दस्तावेज तैयार करने की साजिश कौंधी। उसने हूबहू नकली स्टैंप और लेटरहेड बनवा लिए और अपने घर से ही फर्जी सत्यापन का धंधा शुरू कर दिया।

100 से ज्यादा लोगों को बनाया शिकार, असली-नकली का फर्क देख पकड़ा गया खेल

शुरुआती तफ्तीश में सामने आया है कि आरोपी अब तक 100 से अधिक लोगों के सरकारी कागजातों पर विधायक की जाली मुहर लगाकर सत्यापन कर चुका था। वह प्रति व्यक्ति 800 से 1000 रुपये वसूलता था और जो पैसे देने में आनाकानी करता, उसे विधायक दफ्तर की लंबी लाइनों का डर दिखाकर डरा देता था।

इस पूरे फर्जीवाड़े का भांडाफोड़ तब हुआ जब सौरभ से दस्तावेज सत्यापित कराने के बाद कुछ लोग उन्हें जमा कराने विधायक के डबुआ कॉलोनी स्थित दफ्तर पहुंचे। वहां तैनात कार्यालय प्रभारी सत्यप्रकाश को मुहर की बनावट और स्याही पर शक हुआ। जब उन्होंने विधायक से पूछा तो पता चला कि इन पेपर्स पर उनके दस्तखत हैं ही नहीं। इसके बाद कर्मचारी प्रकाश पटेल की शिकायत पर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

5 साल से चला रहा था सीएससी सेंटर, पुलिस को नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सौरभ पिछले पांच सालों से सीएससी सेंटर चला रहा था, जो इसी साल किसी तकनीकी कारण से बंद हो गया था। इसके बाद उसने अवैध तरीके से आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने का काम शुरू किया, जिसके लिए विधायक या गजेटेड ऑफिसर के वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ती थी।

विधायक सतीश फागना ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट में पेशी के बाद पुलिस ने आरोपी को तीन दिन की रिमांड पर लिया है ताकि फर्जी स्टैंप बनाने वाले नेटवर्क, इस्तेमाल हुए कंप्यूटर-प्रिंटर और इसमें शामिल अन्य संभावित सहयोगियों का पता लगाया जा सके। गौरतलब है कि फरीदाबाद में इससे पहले 2019 में तिगांव के तत्कालीन विधायक ललित नागर के नाम पर भी इसी तरह के आधार फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था।

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