Faridkot Central Jail Raid : पंजाब की जेलों में लगातार मिल रहे प्रतिबंधित सामान और मोबाइलों के इस्तेमाल पर लगाम कसने के लिए अब पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में फरीदकोट जिला पुलिस ने रविवार की सुबह केंद्रीय मॉडर्न जेल के भीतर एक व्यापक और ताबड़तोड़ तलाशी अभियान चलाया। जेल के अंदर से अक्सर फोन और नशीले पदार्थों के मिलने की खबरों के बीच पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से हड़कंप मच गया, ताकि किसी भी अनहोनी या गैरकानूनी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
दो सौ से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने डाली जेल में रेड
एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस के सख्त दिशा-निर्देशों के तहत चलाए गए इस विशेष अभियान की कमान खुद एसपी जसप्रीत सिंह और डीएसपी तरलोचन सिंह ने संभाल रखी थी। रविवार तड़के जब जेल के दरवाजे खुले तो 200 से अधिक पुलिसकर्मियों की अलग-अलग टुकड़ियों ने एक साथ कई बैरकों में प्रवेश किया। पुलिस टीमों ने कैदियों और हवालातियों की एक-एक बैरक को खंगालना शुरू किया। इसके साथ ही हर कैदी के व्यक्तिगत सामान और बिस्तरों की भी बारीकी से जांच की गई ताकि कोई भी अवैध वस्तु छिपाई न जा सके। इतना ही नहीं, सुरक्षा के लिहाज से जेल परिसर के बाहरी और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भी गहन चेकिंग की गई।
सुरक्षा मजबूत करने के लिए उठाया गया कदम
तस्वीर साफ करते हुए डीएसपी तरलोचन सिंह ने मीडिया को बताया कि इस तरह के औचक निरीक्षण जेल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने का एक नियमित और जरूरी हिस्सा हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी कार्रवाई का मुख्य मकसद यह संदेश देना है कि कानून के शिकंजे से कोई भी ऊपर नहीं है और जेल की चारदीवारी के भीतर किसी भी गैरकानूनी गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, इस लंबी और गहन छापेमारी के दौरान पुलिस के हाथ कोई भी प्रतिबंधित सामान या संदिग्ध वस्तु नहीं लगी है।
कैदियों को दी गई कड़ी चेतावनी
तलाशी के दौरान भले ही कोई आपत्तिजनक सामान बरामद न हुआ हो, लेकिन पुलिस प्रशासन ने नरमी बरतने के बजाय बंदियों को बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि भविष्य में किसी भी कैदी के पास मोबाइल फोन, नशीले पदार्थ या अन्य कोई भी प्रतिबंधित सामान मिला, तो उसके खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फरीदकोट पुलिस का कहना है कि जेल के भीतर कानून-व्यवस्था को पूरी तरह नियंत्रण में रखने और अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए ऐसे औचक सर्च ऑपरेशन आगे भी बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार जारी रहेंगे।

