Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के दौरान रखें इन बातों का ध्यान, भारी व्यायाम पड़ सकता है भारी

AAmit Gupta
फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के दौरान रखें इन बातों का ध्यान, भारी व्यायाम पड़ सकता है भारी
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

रेवाड़ी। जब लोग फर्टिलिटी के बारे में सोचते हैं, तो ध्यान अक्सर इलाज पर जाता है। लेकिन प्रजनन स्वास्थ्य केवल क्लिनिक में होने वाले उपचार से तय नहीं होता। शरीर का हार्मोन संतुलन, मेटाबॉलिज्म, तनाव का स्तर और रक्त संचार, ये सभी कारक इसमें भूमिका निभाते हैं।डॉ. नंदिनी जैन, फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट, बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ, रेवाड़ी बताते हैं कि ऐसे में व्यायाम एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है। सही तरह की शारीरिक गतिविधि प्रजनन से जुड़ी प्रक्रियाओं को संतुलित रखने में मदद करती है, इंसुलिन संतुलन सुधारती है और तनाव के स्तर को नियंत्रित रखने में सहायक होती है। यह इलाज का विकल्प नहीं है, लेकिन शरीर को बेहतर स्थिति में जरूर रखती है।यहाँ 5 तरह के व्यायाम दिए गए हैं, जो फर्टिलिटी स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माने जाते हैं:

1. तेज़ गति से चलना

विज्ञापन

चलना सबसे सरल और प्रभावी व्यायामों में से एक है। रोज़ 30 से 45 मिनट तेज़ गति से चलना शरीर के लिए लाभकारी होता है। यह इंसुलिन संतुलन में मदद करता है, जो खासकर पीसीओएस वाली महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही, यह रक्त संचार और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।

2. योग

फर्टिलिटी के दौरान योग इसलिए उपयोगी है क्योंकि यह तनाव को कम करने में मदद करता है। लंबे समय तक तनाव रहने से कॉर्टिसोल बढ़ सकता है, जो हार्मोन संतुलन को प्रभावित करता है।

योग करने से मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन बेहतर होता है। हफ्ते में 2 से 3 बार सौम्य योग करना पर्याप्त होता है। रिस्टोरेटिव या यिन योग जैसे अभ्यास अधिक उपयुक्त रहते हैं।

3. पिलाटीज़

पिलाटीज़ शरीर के मध्य भाग और पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। ये मांसपेशियां प्रजनन अंगों को सहारा देती हैं।इससे शरीर की स्थिरता बढ़ती है, शरीर की मुद्रा बेहतर होती है और इस हिस्से में रक्त संचार सुधरता है। हफ्ते में 2 से 3 बार पिलाटीज़ करना पर्याप्त होता है।

4. रेजिस्टेंस ट्रेनिंग

अक्सर यह माना जाता है कि वेट ट्रेनिंग से बचना चाहिए, लेकिन नियंत्रित रेजिस्टेंस ट्रेनिंग लाभकारी हो सकती है। यह शरीर को ग्लूकोज़ बेहतर तरीके से उपयोग करने में मदद करती है और इंसुलिन संतुलन सुधारती है।चूंकि इंसुलिन और हार्मोन आपस में जुड़े होते हैं, इसका असर प्रजनन स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। हफ्ते में 2 से 3 बार हल्के वेट्स, स्क्वैट्स और लंजेस जैसे व्यायाम किए जा सकते हैं।

5. तैरना

तैरना पूरे शरीर के लिए संतुलित व्यायाम है, जिसमें जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता। यह हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और शरीर को सक्रिय रखता है।फर्टिलिटी उपचार के दौरान भी यह एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है। हफ्ते में कुछ दिन 20 से 30 मिनट तैरना पर्याप्त है।

किन चीज़ों से बचें

सही व्यायाम जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है संतुलन बनाए रखना:

● बहुत अधिक थकाने वाले व्यायाम शरीर पर अतिरिक्त तनाव डाल सकते हैं

● अत्यधिक व्यायाम और कम भोजन हार्मोन संतुलन को प्रभावित कर सकता है

● एग रिट्रीवल जैसी प्रक्रियाओं के बाद भारी व्यायाम से बचना चाहिए

फर्टिलिटी के लिए कोई एक विशेष व्यायाम नहीं होता। सबसे महत्वपूर्ण है ऐसी दिनचर्या बनाए रखना जिसमें शरीर सक्रिय रहे, लेकिन उस पर अनावश्यक दबाव न पड़े।नियमित और संतुलित व्यायाम पूरे स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, और यही फर्टिलिटी को भी सपोर्ट करता है।

विज्ञापन

स्वास्थ्य की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।