Fire Brigade Controversy: गुजरात की राजनीति में वीआईपी संस्कृति (Gujarat VIP Culture News) और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का एक बेहद अजीबोगरीब मामला गरमा गया है। बीजेपी विधायक और पूर्व राज्य मंत्री बच्चूभाई खाबड़ ने अपने निजी बंगले की सफाई और धुलाई कराने के लिए बाकायदा नगर पालिका की फायर ब्रिगेड (Fire Tender Misuse Controversy) की गाड़ी ही बुलवा ली। दमकल की गाड़ी से बंगले पर पानी की बौछारें मारकर सफाई करने का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया और आम जनता का गुस्सा फूट पड़ा।
मामला दाहोद जिले की देवगढ़ बारिया पालिका क्षेत्र का है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि धनपुर तालुका स्थित पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक बच्चूभाई खाबड़ के बंगले के सामने फायर ब्रिगेड की बड़ी गांड़ी खड़ी है और दमकलकर्मी पाइप से पानी की तेज बौछारें मारकर बंगले की दीवारों व फर्श की धुलाई कर रहे हैं।
‘हमें लगा कोई आपात स्थिति है’: नगरपालिका अध्यक्ष ने दी सफाई
सरकारी दमकल गाड़ी को विधायक के घर ‘वॉशिंग मशीन’ की तरह इस्तेमाल होते देख सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई। लोगों ने सवाल उठाए कि क्या आग बुझाने और आपातकालीन सेवाओं के लिए बनी दमकल गाड़ियों का इस्तेमाल माननीयों के बंगले चमकाने के लिए किया जाएगा?
बवाल बढ़ता देख देवगढ़ बारिया नगरपालिका के अध्यक्ष धर्मेश कलाल सामने आए और सफाई पेश की। धर्मेश कलाल ने बताया, “मुझे विधायक जी का फोन आया था और उन्होंने तुरंत फायर टेंडर भेजने के लिए कहा। चूंकि कॉल एक जनप्रतिनिधि की तरफ से आया था, तो मुझे किसी अनहोनी या आग लगने जैसी आपात स्थिति की आशंका हुई। मैंने बिना वजह पूछे तुरंत दमकल विभाग को गाड़ी रवाना करने के निर्देश दे दिए।”
‘फॉल्स कॉल थी, हमने तुरंत ऑपरेशन रोका’: फायर ऑफिसर का बयान
#WATCH | Dahod, Gujarat: A controversy has erupted in Dahod district after an emergency fire tender was allegedly deployed to wash the bungalow of Devgadh Baria MLA and former minister Bachubhai Khabad.
A video of the incident has gone viral on social media. After the matter came to light, a fee of ₹2,700 was collected from MLA Bachubhai Khabad. (05.10)
(Visuals from Bachubhai Khabad’s house and local fire station)
— ANI (@ANI) October 6, 2026
देवगढ़ बारिया नगर पालिका के फायर ऑफिसर मयूर सिंह चौहान ने पूरे घटनाक्रम की सच्चाई उजागर करते हुए कहा कि पिपेरो गांव स्थित विधायक के घर जब टीम पहुंची, तो वहां कोई आपात स्थिति नहीं थी। विधायक के समर्थकों और परिजनों ने दमकलकर्मियों से सीधे तौर पर बंगला और उसका फ्रंट साइड धोने के लिए कहा।
फायर ऑफिसर ने बताया, “जैसे ही कर्मचारियों ने मुझे फोन पर जानकारी दी कि यह एक ‘फॉल्स/फेक इमरजेंसी कॉल’ है और हमसे घर धुलवाया जा रहा है, मैंने तुरंत काम रुकवाने के आदेश दिए। हमने अधिकारियों को सूचना दी और गाड़ी वापस बुला ली। ( False Fire Call Fine)इसके बाद नियमानुसार इस ट्रिप का सरकारी चार्ज ₹2,700 तय किया गया, जिसका भुगतान विधायक की ओर से कर दिया गया है।”
सरकारी दफ्तरों से लेकर सोशल मीडिया तक इस मामले को लेकर बीजेपी विधायक की फजीहत हो रही है। विपक्षी दल भी इसे सत्ता के नशे में सरकारी संसाधनों की बर्बादी करार दे रहे हैं, वहीं दमकल विभाग का कहना है कि वे इस तरह की गलत कॉल पर आगे की प्रक्रिया की समीक्षा कर रहे हैं।
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