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CBSE AI Workshop: ग्लोब हेरिटेज स्कूल में एआई पर महामंथन, शिक्षकों ने सीखे तकनीक के नैतिक इस्तेमाल के गुर

GGaganpreet Kaur
ग्लोब हेरिटेज स्कूल में एआई पर महामंथन, शिक्षकों ने सीखे तकनीक के नैतिक इस्तेमाल के गुर
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लाडवा (कैलाश गोयल) लाडवा के प्रतिष्ठित ग्लोब हेरिटेज इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षकों को आधुनिक तकनीकी बदलावों से रूबरू कराने के लिए एक विशेष इन-हाउस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि आज के समय में तकनीक बेहद तेजी से बदल रही है। ऐसे में शिक्षकों के लिए यह अनिवार्य हो जाता है कि वे इन बदलावों से न सिर्फ खुद को अपडेट रखें, बल्कि उनके साथ एक सही सामंजस्य भी बिठाएं। जब तक शिक्षक एआई जैसी तकनीकों की बारीकियों और उसकी सीमाओं को नहीं समझेंगे, तब तक वे छात्रों को इसका सही मार्गदर्शन नहीं दे पाएंगे। यह ट्रेनिंग शिक्षकों को तकनीक के प्रभावी और सुरक्षित इस्तेमाल में महारत हासिल कराने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

वरदान भी है और अभिशाप भी: अमित सिंघल ने समझाया एआई का गणित

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कार्यशाला के मुख्य वक्ता और सीबीएसई के विशेषज्ञ प्रशिक्षक अमित सिंघल ने अपने संबोधन में कहा कि एआई वर्तमान में शिक्षा जगत की पूरी तस्वीर बदल रहा है। यह शिक्षकों के काम को आसान तो बना रहा है, लेकिन इसके साथ कई तरह के नैतिक सवाल भी खड़े हो रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि लेसन प्लान बनाने, बच्चों के व्यक्तिगत मूल्यांकन (Personalized Learning), कंटेंट क्रिएशन और प्रशासनिक कार्यों को निपटाने में एआई एक बेहतरीन मददगार साबित हो सकता है।

हालांकि, सिंघल ने तकनीक के स्याह पहलू पर भी खुलकर बात की। उन्होंने शिक्षकों को चेताया कि एआई पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने ‘बायस’ (पूर्वाग्रह), ‘डीपफेक’ (फर्जी वीडियो/ऑडियो), ‘एआई हैलुसिनेशन’ (एआई द्वारा गलत तथ्यों को सच बनाकर पेश करना) और डेटा सुरक्षा में सेंधमारी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने इन खतरों से निपटने के लिए शिक्षकों के साथ व्यावहारिक और आसान टिप्स भी साझा किए।

केस स्टडीज के जरिए मिला व्यावहारिक ज्ञान

इस एक दिवसीय कार्यशाला की खास बात यह रही कि इसे उबाऊ लेक्चर के बजाय पूरी तरह इंटरैक्टिव और व्यावहारिक बनाया गया। शिक्षकों को विभिन्न एआई टूल्स की लाइव वर्किंग दिखाई गई और केस स्टडीज के जरिए यह समझाया गया कि कक्षा में पढ़ाते समय या बच्चों का रिजल्ट तैयार करते समय गोपनीयता और निष्पक्षता का ध्यान कैसे रखना है। कार्यशाला के समापन पर शिक्षकों ने इस सत्र को बेहद समसामयिक और ज्ञानवर्धक बताया। उनका मानना था कि इस प्रशिक्षण से उन्हें अपनी दैनिक शिक्षण शैली को अधिक स्मार्ट और सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।

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