Hansi News: हांसी के मुख्य बाजारों में शुमार लाल सड़क पर शनिवार की सुबह उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब एक किराना दुकान के ऊपर बने सामान के स्टोर से अचानक काला धुआं उठने लगा। (fire in grocery store Hansi) करीब 30 वर्षों से यहां दुकान चला रहे दुकानदार सतीश ग्रोवर उस समय अपने घर पर मौजूद थे। आसपास के दुकानदारों ने जब स्टोर की खिड़कियों से धुआं निकलते देखा, तो तुरंत फोन पर उन्हें इस अनहोनी की सूचना दी।
खबर मिलते ही सतीश ग्रोवर बदहवास हालत में अपनी दुकान दौड़े चले आए। उन्होंने स्टोर का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन भीतर से आ रही आग की भीषण तपिश और लपटों ने उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
दीवार तोड़कर अंदर घुसे फायर कर्मी, ऐसे पाया काबू
हालात की नजाकत को भांपते हुए दुकानदार ने नीचे दुकान के रोशनदान के जरिए सबमर्सिबल पंप का पाइप डालकर खुद ही पानी फेंकना शुरू कर दिया और दमकल विभाग को सूचना दी। (Hansi fire brigade department) सुबह करीब नौ बजे डायल 112 के जरिए मिली सूचना पर फायरकर्मी जसवीर सिंह, (Dial 112 Haryana) सुरेंद्र खटक और सुनील कुमार फौरन मौके पर पहुंचे।
लेकिन सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि ऊपरी स्टोर में जाने के लिए कोई सीधा रास्ता या दरवाजा नहीं था। बिना एक पल गंवाए दमकल कर्मियों ने दीवार तोड़ने का फैसला किया। हथौड़ों और अन्य औजारों से दीवार को तोड़कर रास्ता बनाया गया और फिर पानी की बौछारें छोड़कर आग पर कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया गया।
संकरी सड़कें और छोटी गाड़ी न होने से हुई परेशानी
इस पूरी घटना के दौरान एक बार फिर शहर के प्रशासनिक इंतजामों की पोल खुल गई। फायरकर्मी जसवीर सिंह ने बताया कि लाल सड़क पर बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण उनकी गाड़ी को मौके तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। (Hansi fire brigade department) इसके अलावा, पिछले दो सालों से दमकल विभाग के बेड़े में छोटी फायर गाड़ी न होने की समस्या एक बार फिर सामने आई।
तंग गलियों और घनी बाजारों वाले इलाकों में बड़ी गाड़ी के जाने लायक जगह न होने के कारण राहत कार्यों में देरी होना आम बात बन चुकी है। हालांकि गनीमत यह रही कि दुकानदार का मुख्य बिजली स्विच बंद था और समय रहते आग बुझा ली गई, जिससे कोई बड़ा जन नुकसान नहीं हुआ। फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाया जा रहा है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

