Harpal Singh Cheema : चंडीगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में मुलाजिमों के मुद्दों को लेकर हलचल तेज हो गई है। पंजाब सरकार के कर्मचारियों और ठेका आधारित स्टाफ की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों व सेवा से जुड़े मामलों का निपटारा करने के लिए बनी कैबिनेट सब-कमेटी ने बड़ा कदम उठाया है।
कमेटी के प्रमुख और प्रदेश के वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की यूनियनों और पंजाब रोडवेज, पनबस/पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्ज यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता की, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए।
पनबस और पीआरटीसी मुलाजिमों की मांगों पर डेडलाइन तय
पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्ज यूनियन पंजाब के प्रतिनिधियों के साथ हुई मैराथन बैठक के दौरान परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बेहद सख्त और सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग वर्मा को साफ निर्देश दिए कि आगामी 15 अक्टूबर तक ठेका मुलाजिमों की सभी जायज मांगों का निपटारा हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने विभाग को यह भी हिदायत दी कि ‘बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स’ (बीओडी) की बैठक में बिना किसी अनावश्यक देरी के बुलाई जाए, ताकि जिन मामलों में बोर्ड की मंजूरी की दरकार है, उन्हें तुरंत हरी झंडी दिखाई जा सके। सरकार के इस कदम से लंबे समय से संघर्ष कर रहे रोडवेज और पनबस के कर्मचारियों में उम्मीद की नई किरण जगी है।
आईटीआई इंस्ट्रक्टरों की सेवा सुरक्षा और वेतन वृद्धि पर मंथन
दूसरी ओर, सरकारी आईटीआई ठेका मुलाजिम यूनियन पंजाब और ऑल पंजाब डीएसटी/सीटीएस कॉन्ट्रैक्ट इंस्ट्रक्टर यूनियन के प्रतिनिधिमंडलों के साथ हुई अलग बैठक में भी कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इन यूनियनों ने गेस्ट फैकल्टी और कॉन्ट्रैक्ट इंस्ट्रक्टर के रूप में अपनी लंबी सेवाओं का हवाला देते हुए 58 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा, उचित मेहनताने और समय पर वेतन वृद्धि की मांग प्रमुखता से उठाई।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इन सभी चिंताओं को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार इन मांगों पर पूरी हमदर्दी के साथ विचार कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन मामलों की समीक्षा करते समय कर्मचारियों की वर्षों की लंबी सेवा को मुख्य आधार बनाया जाएगा।
तकनीकी शिक्षा विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
बैठक के दौरान सिर्फ मौखिक आश्वासन ही नहीं दिए गए, बल्कि ठोस प्रशासनिक कार्रवाई की दिशा में भी कदम उठाए गए। वित्त मंत्री ने तकनीकी शिक्षा विभाग के डायरेक्टर मुनीश कुमार को तुरंत निर्देश दिए कि वे आईटीआई इंस्ट्रक्टरों की वेतन वृद्धि से जुड़ा रस्मी प्रस्ताव तैयार करें और उसे बिना किसी देरी के वित्त विभाग को सौंप दें, ताकि कानूनी और वित्तीय औपचारिकताओं को पूरा कर जल्द से जल्द राहत प्रदान की जा सके। मुलाजिम नेताओं ने सरकार के इस त्वरित और सकारात्मक रवैया पर संतोष जताते हुए उम्मीद जताई है कि तय समय सीमा के भीतर उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकल आएगा।
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