हरियाणा। हरियाणा में जमीनी स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए सरकार ने राजस्व विभाग में एक बड़ा उलटफेर किया है। सरकार ने हाल ही में प्रमोट होकर आए 33 नायब तहसीलदारों की अलग-अलग जिलों और उपमंडलों में पोस्टिंग के आदेश जारी कर दिए हैं। इस प्रशासनिक फेरबदल का सबसे बड़ा फायदा उन इलाकों को मिलेगा, जहां लंबे समय से नायब तहसीलदारों की कुर्सियां खाली पड़ी थीं और जनता के काम अटके हुए थे। सरकार के इस कदम के पीछे का मुख्य उद्देश्य राजस्व प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त करना और सीधे जनता से जुड़े कामकाज में पारदर्शिता व तेजी लाना है।
कानूनगो और डीआरए से बने अफसर, शासन ने दी पहली फील्ड पोस्टिंग
राजस्व विभाग के सूत्रों के मुताबिक, जिन 33 अधिकारियों की तैनाती के आदेश जारी हुए हैं, वे विभाग के ही अनुभवी सिपहसालार हैं। हाल ही में सरकार ने फील्ड में लंबा अनुभव रखने वाले कानूनगो और जिला राजस्व लेखाकार (DRA) के पद पर तैनात कड़क अफसरों को पदोन्नति (प्रमोशन) देकर नायब तहसीलदार की कमान सौंपी थी। अब इन सभी पदोन्नत अधिकारियों को प्रदेश के कोने-कोने में स्थित तहसीलों में भेज दिया गया है, ताकि वे अपने प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल कर पेंडिंग पड़े मामलों का निपटारा कर सकें।
रजिस्ट्री और इंतकाल के लिए नहीं खाने होंगे धक्के, सुमिता मिश्रा ने दिए कड़े निर्देश
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव और वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा (IAS) के हस्ताक्षर से यह ट्रांसफर-पोस्टिंग सूची 2 जून 2026 को जारी की गई है। उच्च स्तर से जारी इन आदेशों में सभी नवनियुक्त अधिकारियों को साफ हिदायत दी गई है कि वे बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत अपने नए कार्यस्थल पर पहुंचकर कार्यभार संभालें। मुख्यालय का मानना है कि इन नई नियुक्तियों के बाद तहसीलों में जमीन की रजिस्ट्री, इंतकाल (म्यूटेशन), विभिन्न सरकारी प्रमाण पत्र और कोर्ट केसों से जुड़े मामलों में जो सुस्ती छाई थी, वह पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
खाली पड़े पदों से बेपटरी था काम, अब आम जनता को मिलेगी बड़ी राहत
दरअसल, पिछले काफी समय से प्रदेश की कई उप-तहसीलों और उपमंडलों में स्थायी नायब तहसीलदार न होने की वजह से अतिरिक्त कार्यभार के भरोसे काम चल रहा था। एक अधिकारी को कई जगहों का चार्ज होने के चलते आम जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए कई-कई दिनों तक तहसीलों के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ता था। अब इस थोक तबादला सूची और नई नियुक्तियों के बाद संबंधित जिला प्रशासनों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। महकमे के जानकारों का कहना है कि इस फैसले से न केवल फाइलों पर जमी धूल साफ होगी, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगाने में मदद मिलेगी।

