Jind Cyber Crime: हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर की फर्जी FB आईडी से ठगी की कोशिश, 1.15 लाख मांगे
हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर की फर्जी FB आईडी से ठगी की कोशिश, 1.15 लाख मांगे
Jind Cyber Crime: साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे आम जनता ही नहीं, बल्कि संवैधानिक पदों पर बैठे जन प्रतिनिधियों को भी अपना निशाना बनाने से नहीं कतरा रहे। ताजा मामला हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा (Dr Krishan Lal Middha Cyber Fraud) से जुड़ा सामने आया है। शातिर ठगों ने उनकी एक फर्जी फेसबुक आईडी तैयार की और उनके परिचितों को मैसेज भेजकर लाखों रुपये की ठगी करने की पुरजोर कोशिश की।
ठगों ने खुद को सीआरपीएफ (Jind Cyber Police Case) के असिस्टेंट कमांडेंट का परिचित बताकर घरेलू सामान सस्ते दामों में बेचने का झांसा दिया और 1 लाख 15 हजार रुपये गूगल-पे (Google Pay) करने की मांग की। मामला संज्ञान में आने के बाद डिप्टी स्पीकर के मीडिया कोऑर्डिनेटर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
ऐसे खुला फर्जीवाड़े का राज
डिप्टी स्पीकर के मीडिया कोऑर्डिनेटर सन्नी मग्गू ने जींद शहर थाना पुलिस को सौंपी शिकायत में पूरी वारदात का ब्योरा दिया है। उन्होंने बताया कि 22 सितंबर को इंद्री निवासी उनके एक परिचित कपिल मग्गू का फोन आया। कपिल ने जानकारी दी कि उनके पास डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा के नाम से बनी फेसबुक आईडी से मैसेंजर पर मैसेज आया है।
मैसेज में दावा किया गया था कि सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट संतोष लाल का दूसरे स्टेशन पर तबादला हो गया है। इसलिए वे अपना घरेलू सामान जैसे डबल बेड, एसी, फ्रिज, एलईडी टीवी और लैपटॉप बहुत ही कम कीमत में बेचना चाहते हैं। मैसेज के साथ इन सभी सामानों की तस्वीरें भी भेजी गई थीं।
1.15 लाख रुपये ऑनलाइन भेजने को कहा, सोशल मीडिया पर अलर्ट जारी
फर्जी आईडी चला रहा आरोपी इतने पर ही नहीं रुका, उसने फोन पर भी बात की। उसने पीड़ित को भरोसा दिलाने के लिए ट्रांसफर का बहाना बनाया और कहा कि अगर सामान चाहिए तो तुरंत गूगल-पे के माध्यम से 1 लाख 15 हजार रुपये खाते में ट्रांसफर कर दें।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मीडिया कोऑर्डिनेटर ने तुरंत सतर्कता दिखाई और सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर आम जनता को सावधान किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि डिप्टी स्पीकर के नाम पर यदि कोई भी व्यक्ति पैसे की मांग करे तो कतई न दें। इसके बाद कई अन्य लोगों के भी फोन आए, जिन्होंने बताया कि उनके पास भी ठीक इसी तरह के मैसेज और कॉल आए थे।
पुलिस ने शुरू की साइबर पड़ताल
सन्नी मग्गू ने पुलिस (Jind City Police Station Case) को दी शिकायत में कहा कि आरोपियों द्वारा वीआईपी छवि और नाम का गलत इस्तेमाल कर लोगों को ठगने का काम किया जा रहा है। मामले की जांच कर रहे सब-इंस्पेक्टर (SI) संजय लाल ने बताया कि मीडिया कोऑर्डिनेटर की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस साइबर सेल की मदद से फर्जी आईडी के आईपी एड्रेस और संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है। जल्द ही आरोपियों को ट्रेस कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
