Haryana Family ID: हरियाणा सरकार ने नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिवार पहचान पत्र यानी पीपीपी (PPP) की प्रक्रिया में तीन अहम बदलाव किए हैं। (PPP Haryana News) अक्सर यह शिकायतें सामने आती थीं कि बिना परिवार के मुखिया की जानकारी या सहमति के फैमिली आईडी में नाम जोड़ दिए जाते थे या फिर गलत प्रविष्टियां हो जाती थीं। इन तमाम खामियों पर लगाम कसने के लिए हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण ने एक नई व्यवस्था लागू की है। अब परिवार से जुड़ी हर बड़ी प्रक्रिया पर पारदर्शिता बरती जाएगी ताकि लोग अपने रिकॉर्ड से पूरी तरह अपडेट रहें।
मोबाइल पर मिलेगा हर गतिविधि का अपडेट
हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कई बार पारिवारिक मनमुटाव के चलते लोग बिना मुखिया की अनुमति के फैमिली आईडी में अपने नाम या अन्य बदलाव करवा लेते थे। (Family ID SMS Alert) इस तरह की गड़बड़ियों को रोकने और जनता को जागरूक रखने के लिए अब तीन प्रमुख मौकों पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेजा जाएगा।
पहला, जैसे ही आपकी एनरोलमेंट आईडी बनेगी, उसका संदेश फोन पर आ जाएगा। दूसरा, फैमिली आईडी तैयार होने पर इसकी सूचना मिलेगी। और तीसरा, यदि परिवार के रिकॉर्ड में कोई नया सदस्य जोड़ा जाता है, तो उसका अलर्ट भी तुरंत संबंधित मोबाइल पर पहुंच जाएगा।
सही और सक्रिय मोबाइल नंबर होना अनिवार्य
इस नई सेवा का पूरा लाभ उठाने के लिए यह बेहद जरूरी है कि परिवार पहचान पत्र में दर्ज मोबाइल नंबर सही और चालू हालत में हो। यदि किसी नागरिक का मोबाइल नंबर बदल गया है, तो उसे तुरंत पीपीपी पोर्टल पर अपना नंबर अपडेट कराना होगा ताकि समय पर सभी जरूरी सूचनाएं मिलती रहें। इस तकनीक के आने से लोगों को अपनी आईडी का स्टेटस जानने के लिए बार-बार चक्कर काटने या पूछताछ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे अनावश्यक उलझनों से भी राहत मिलेगी।
दिसंबर तक आ रहा है AI आधारित पीपीपी 2.0 वर्जन
सरकार परिवार पहचान पत्र को और अधिक स्मार्ट बनाने के लिए इस साल दिसंबर तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित ‘पीपीपी 2.0’ वर्जन लॉन्च करने की तैयारी में जुटी है। (PPP 2.0 AI Version) इस नए वर्जन के तहत परिवार की वर्थ वैल्यू यानी उनकी वास्तविक आय और वित्तीय स्थिति का सटीक आकलन एक ही दस्तावेज से हो सकेगा। इसके लिए पैन कार्ड, आधार, प्रॉपर्टी आईडी, किसान आईडी, आभा आईडी, बैंक लोन और बच्चों की स्कूल फीस जैसी तमाम अहम जानकारियों को आपस में जोड़ा जाएगा।
छिपी नहीं रह पाएगी संपत्ति और आय की सही जानकारी
अक्सर यह देखा जाता है कि कुछ लोग अपनी वास्तविक आय और संपत्ति को छुपाकर सरकारी योजनाओं का गलत फायदा उठा लेते हैं। नए वर्जन में बच्चों के स्कूल की फीस और लग्जरी लाइफस्टाइल पर होने वाले खर्च को भी शामिल किया जाएगा। (Haryana Government Scheme)
उदाहरण के तौर पर, यदि कोई परिवार बच्चे की सालाना स्कूल फीस डेढ़ लाख रुपये तक भर रहा है या उसने घर बनाने के लिए भारी-भरकम बैंक लोन ले रखा है, तो उसका पूरा ब्योरा सिस्टम में आ जाएगा। तमाम प्लेटफॉर्म्स का डेटा एक जगह आने से गलत जानकारी देने वाले लोगों की पहचान करना और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार के लिए बेहद आसान हो जाएगा।
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