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Haryana Fire Department Strike: हरियाणा में अग्निशमन विभाग की हड़ताल 22वें दिन भी जारी: रोडवेज ड्राइवर और होमगार्ड बुझा रहे आग

AAmandeep Singh
हरियाणा में अग्निशमन विभाग की हड़ताल 22वें दिन भी जारी: रोडवेज ड्राइवर और होमगार्ड बुझा रहे आग
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हरियाणा। हरियाणा में भीषण गर्मी और आगजनी की घटनाओं के बीच अग्निशमन विभाग (Fire Department) की सेवाएं पूरी तरह ठप हैं। अपनी मांगों को लेकर प्रदेश भर के फायर कर्मचारी पिछले 22 दिनों से सड़कों पर हैं। बुधवार को यमुनानगर में कर्मचारियों का गुस्सा उस वक्त सातवें आसमान पर पहुँच गया जब सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री आंदोलन को समर्थन देने पहुँचे। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि जब तक सरकार हमारी जायज मांगें नहीं मानती, यह लड़ाई पीछे नहीं हटेगी।

वार्ता विफल, शोषण का आरोप

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कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि सरकार जानबूझकर हठधर्मिता अपना रही है। अब तक डायरेक्टर फायर के साथ दो बार और संबंधित मंत्री के साथ एक बार बैठक हो चुकी है, लेकिन नतीजा सिफर रहा। नरेश शास्त्री ने कहा, “सरकार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के बजाय उनका शोषण करने पर तुली है। विभाग में सालों से काम कर रहे लोग आज भी अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।”

मुआवजे पर भेदभाव: ‘वर्दी तक नहीं दी सरकार ने’

हड़ताल का एक मुख्य केंद्र बिंदु फरीदाबाद की कालका कंपनी में हुई आगजनी की घटना है। कर्मचारियों की मांग है कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले अग्निशमन कर्मियों को शहीद का दर्जा दिया जाए और पुलिसकर्मियों की तर्ज पर उनके परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी दी जाए। शास्त्री ने सरकार को घेरते हुए कहा कि फरीदाबाद हादसे में मारे गए कर्मचारी आज जिंदा होते, अगर सरकार ने उन्हें फायर-प्रूफ वर्दी और आधुनिक उपकरण मुहैया कराए होते। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सूरजकुंड मेले में जान गंवाने वाले पुलिसकर्मी को एक करोड़ मिल सकते हैं, तो फायर फाइटर के साथ सौतेला व्यवहार क्यों?

खतरे में आमजन: बिना ट्रेनिंग के आग बुझा रहे होमगार्ड

हड़ताल के चलते प्रदेश सरकार ने वैकल्पिक इंतजाम के तौर पर रोडवेज चालकों और होमगार्ड के जवानों को फायर ब्रिगेड की गाड़ियों पर तैनात कर दिया है। कर्मचारी संघ ने इसे ‘आम जनता को राम भरोसे छोड़ना’ करार दिया है। नेताओं का तर्क है कि फायर फाइटिंग एक तकनीकी काम है जिसके लिए विशेष प्रशिक्षण की जरूरत होती है। बिना ट्रेनिंग के रोडवेज चालक और होमगार्ड न केवल आग बुझाने में विफल हो रहे हैं, बल्कि खुद भी हादसों का शिकार होकर घायल हो रहे हैं।

किसानों और उद्योगों पर संकट

गेहूं की कटाई का सीजन और बढ़ता तापमान आगजनी की घटनाओं को न्योता दे रहा है। ऐसे में फायर ब्रिगेड की हड़ताल ने किसानों और उद्योगपतियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। यमुनानगर में क्रमिक अनशन पर बैठे पांच कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार जल्द नहीं जागी, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप अख्तियार करेगा। फिलहाल, पूरे प्रदेश में अग्निशमन व्यवस्था जुगाड़ के भरोसे चल रही है।

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