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Haryana Engineers Suspended: हरियाणा में अफसरों पर चला CM का हंटर, पंचायत विभाग के 6 इंजीनियर सस्पेंड

AAmandeep Singh
Haryana Engineers Suspended: हरियाणा में अफसरों पर चला CM का हंटर,  पंचायत विभाग के 6 इंजीनियर सस्पेंड
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हरियाणा। चंडीगढ़ से इस वक्त की बड़ी प्रशासनिक हलचल सामने आ रही है। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता करने वाले अधिकारियों के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग के बाद विकास एवं पंचायत विभाग के करनाल में तैनात दो एक्सईएन व एक जेई और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सोनीपत के एक एसडीओ व दो जेई को सस्पेंड कर दिया गया है। इन सभी पर सरकारी प्रोजेक्ट्स में गंभीर तकनीकी खामियां और लापरवाही बरतने के आरोप हैं।

ऑडिट रिपोर्ट ने खोली पोल, ठेकेदारों पर भी गिरेगी गाज

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शासन की यह बड़ी कार्रवाई गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण (QAA) की टेक्निकल ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर की गई है। प्राधिकरण की टीमों ने जब औचक निरीक्षण और तकनीकी जांच की, तो निर्माण कार्यों में भारी कमियां पाई गईं। सिर्फ निलंबन ही नहीं, बल्कि कई अन्य विभागों के आला अफसरों को भी कारण बताओ नोटिस थमाए गए हैं। इसके अलावा, हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन की एक बड़ी परियोजना में घटिया निर्माण मिलने के बाद संबंधित ठेकेदार ब्लैकलिस्ट होने की कगार पर है और उससे सरकारी पैसे की रिकवरी की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री की दोटूक- विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और ढिलाई बर्दाश्त नहीं

चंडीगढ़ में आयोजित इस समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तकनीकी ऑडिट के निष्कर्षों को देखकर काफी नाराज नजर आए। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि किसी भी सरकारी परियोजना की प्लानिंग, डिजाइनिंग और निर्माण के वक्त गुणवत्ता से रत्ती भर भी समझौता नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेताया कि तकनीकी ऑडिट को महज एक कागजी औपचारिकता न समझा जाए, यह व्यवस्था में सुधार का जरिया है। जहां भी गड़बड़ी मिले, वहां तुरंत ठेकेदारों से नुकसान की भरपाई करवाई जाए।

64 बड़ी परियोजनाओं की हुई थी बारीकी से जांच

बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष राजीव अरोड़ा ने मुख्यमंत्री के सामने ऑडिट का पूरा खाका रखा। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ टीमों ने भवन, सड़क, सिंचाई, जनस्वास्थ्य और बिजली से जुड़े कुल 64 बड़े प्रोजेक्ट्स का जमीनी स्तर पर टेक्निकल ऑडिट किया था। इसमें पीडब्ल्यूडी की 18, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की 5, सिंचाई की 4, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की 14, एचएसआईआईडीसी (HSIIDC) की 3, हुडा (HSVP) की 3 और बिजली प्रसारण निगम की 7 परियोजनाएं शामिल थीं। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बाहरी सलाहकार सिर्फ तकनीकी मदद करेंगे, लेकिन प्रोजेक्ट के फाइनल डिजाइन और डीपीआर (DPR) की असली जवाबदेही पूरी तरह से संबंधित सरकारी महकमे की ही होगी।

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