September 30, 2026

Haryana Innovation Scheme: युवाओं के आइडिया को धरातल पर उतारेगी हरियाणा सरकार, प्रोटोटाइप बनाने के लिए मिलेंगे 1 लाख रुपये

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Haryana Innovation Scheme: युवाओं के आइडिया को धरातल पर उतारेगी हरियाणा सरकार, प्रोटोटाइप बनाने के लिए मिलेंगे ₹1 लाख

युवाओं के आइडिया को धरातल पर उतारेगी हरियाणा सरकार, प्रोटोटाइप बनाने के लिए मिलेंगे ₹1 लाख

Haryana Innovation Scheme: यदि हरियाणा के किसी युवा या छात्र के पास प्रदेश की किसी जलंत समस्या का कोई सटीक और व्यावहारिक समाधान है, तो अब उसका आइडिया सिर्फ कागजों या दिमाग तक सीमित नहीं रहेगा। (Nayab Singh Saini Innovation Scheme) राज्य सरकार ऐसे नवाचारी विचारों को ‘सीएम प्रोटोटाइप’ और धरातलीय समाधान में तब्दील करने के लिए वित्तीय मदद मुहैया कराएगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हुई ‘हरियाणा स्टेट इनोवेशन सोसाइटी’ की गवर्निंग बॉडी की पहली बैठक में इस महत्त्वाकांक्षी नवाचार योजना को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी गई।

इस योजना के पीछे सरकार की सोच यह है कि विश्वविद्यालयों, उच्च शिक्षण व शोध संस्थानों में पढ़ने वाले होनहार विद्यार्थियों को सीधे तौर पर हरियाणा की वास्तविक जरूरतों और चुनौतियों से जोड़ा जाए।

‘लैब से खेत और नीति तक’ होगा फोकस, 1 लाख रुपये से शुरू होगी राह

योजना की प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और परिणामोन्मुखी रखी गई है। शुरुआती दौर में जिन छात्रों या शोधकर्ताओं के प्रस्तावों का चयन किया जाएगा, उन्हें विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (Student Research Project Funding Haryana) और शुरुआती मॉडल तैयार करने के लिए 1 लाख रुपये तक की सीड फंडिंग दी जाएगी। एक बार मॉडल या प्रोटोटाइप तैयार हो जाने के बाद, संबंधित सरकारी विभाग के साथ मिलकर उस प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा और बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए आगे की वित्तीय मंजूरी दिलाई जाएगी।

सरकार ने साफ किया है कि इस पहल का मकसद महज अकादमिक शोध पत्र (रिसर्च पेपर) छपवाना नहीं है, बल्कि ‘लैब से खेत-खलिहान तक’ और ‘जमीन से नीति निर्माण तक’ सीधे समाधान पहुंचाना है। इस योजना में ‘विकसित हरियाणा-2047’, डिजिटल गवर्नेंस, टिकाऊ एवं प्राकृतिक खेती, शहरी कचरा व यातायात प्रबंधन, आधुनिक विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और सामाजिक-आर्थिक उत्थान से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

खारे और दूषित भूमिगत जल को पीने योग्य बनाने के लिए चलेगा पायलट प्रोजेक्ट

हरियाणा में लगातार गिरते और दूषित होते भूजल स्तर की चुनौती को देखते हुए बैठक में एक बेहद अहम फैसला भी लिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी एक प्रभावित जिले का चयन कर वहां पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाए। (Haryana Technological Innovations) इसका मुख्य उद्देश्य अनुपयोगी या खराब गुणवत्ता वाले भूमिगत पानी को अत्याधुनिक तकनीक के जरिए उपयोगी और पीने योग्य बनाने पर काम करना होगा।

इस पूरे इनोवेशन मिशन को तकनीकी और रणनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने पहले ही वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज संस्थानों के साथ हाथ मिलाया है। इस योजना के क्रियान्वयन में गूगल इंडिया (Google India), आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) और एनआईटी कुरुक्षेत्र (NIT Kurukshetra) जैसे नामी संस्थान मेंटॉर और पार्टनर के रूप में युवाओं का मार्गदर्शन करेंगे।

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