Haryana Minimum Wages Rules: हरियाणा के छोटे प्रतिष्ठानों, शोरूमों और दुकानों में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य का श्रम विभाग अब इस बात को लेकर पूरी तरह सख्त हो गया है कि हर कर्मचारी को सरकार द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wages) हर हाल में मिले। (Haryana Labour Department News) विभाग ने स्पष्ट किया है कि 9 अप्रैल को जारी की गई न्यूनतम मजदूरी की अधिसूचना केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे छोटे से छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठान में भी पूरी तरह से लागू कराया जाएगा।
श्रम आयुक्त ने प्रदेश के सभी उप श्रम आयुक्तों (DLC), सहायक श्रम आयुक्तों (ALC) और श्रम निरीक्षकों (Labour Inspectors) को कड़े लहजे में निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को साफ कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर औचक निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी वर्ग के श्रमिक को तय सीमा से कम वेतन न मिले।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की सख्ती के बाद हरकत में आया महकमा
श्रम विभाग की इस अचानक बढ़ी मुस्तैदी के पीछे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का कड़ा रुख माना जा रहा है। दरअसल, हाईकोर्ट में न्यूनतम मजदूरी के क्रियान्वयन को लेकर एक जनहित याचिका/कानूनी मामला लंबित है। अदालत में सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया था कि राज्य के बड़े उद्योगों में तो न्यूनतम मजदूरी फिर भी दी जा रही है, लेकिन दुकानों, सर्विस सेंटरों और छोटे व्यावसायिक संस्थानों में 9 अप्रैल की अधिसूचना का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है।
अदालत में उठती उंगलियों और प्रशासनिक ढिलाई पर पड़ी फटकार के बाद श्रम विभाग हरकत में आया है। विभाग अब किसी भी कीमत पर यह संदेश देना चाहता है कि श्रमिकों के अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
28 अक्टूबर को हाईकोर्ट में अगली सुनवाई: रिपोर्ट पेश करने की तैयारी
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में इस याचिका पर अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को तय की गई है। अदालत की अगली तारीख से पहले श्रम विभाग प्रदेश भर से अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) तैयार करने में जुटा है।
विभाग का प्रयास है कि 28 अक्टूबर की पेशी से पहले राज्य के सभी जिलों में छोटे प्रतिष्ठानों की रैंडम चेकिंग पूरी कर ली जाए, (Minimum Salary Haryana) ताकि अदालत के समक्ष यह मजबूती से रखा जा सके कि नियमों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। श्रम निरीक्षकों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि उनके अधिकार क्षेत्र में न्यूनतम मजदूरी न देने का मामला पकड़ा गया, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
यह भी पढ़ें–Jhajjar News: झज्जर में भीमेश्वरी मंदिर के पास गंदगी पर भड़के लोग, पालिका गेट पर पलटी कचरे से भरी ट्रॉली

