September 25, 2026

Haryana News: दिल्ली से करनाल का सफर अब सिर्फ 90 मिनट, नमो भारत RRTS को मिला TOD नीति का दायरा

0
Haryana News: दिल्ली से करनाल का सफर अब सिर्फ 90 मिनट, नमो भारत RRTS को मिला TOD नीति का दायरा

दिल्ली से करनाल का सफर अब सिर्फ 90 मिनट, नमो भारत RRTS को मिला TOD नीति का दायरा

Haryana News: हरियाणा में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी और व्यवस्थित शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति में संशोधन करते हुए दिल्ली-पानीपत-करनाल और गुरुग्राम-बावल ‘नमो भारत’ (Delhi Panipat Karnal Namo Bharat) कॉरिडोर को इसके आधिकारिक दायरे में ला दिया है। सरकार की ओर से इस संबंध में गजट अधिसूचना जारी होते ही नया एलाइनमेंट तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

दिल्ली से करनाल का सफर सिर्फ 90 मिनट: कनेक्टिविटी में क्रांति

इस नए संशोधन की सबसे खास बात दिल्ली-पानीपत-करनाल ‘नमो भारत’ कॉरिडोर को पहली बार टीओडी नीति में जगह देना है। यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर कुंडली, सोनीपत, गन्नौर और पानीपत से गुजरते हुए करनाल तक जाएगा। (Haryana Transit Oriented Development Policy)

इस आधुनिक रेल सेवा के शुरू होने से न केवल राष्ट्रीय राजधानी से करनाल की दूरी सिमटकर महज 90 मिनट की रह जाएगी, (Delhi to Karnal RRTS Travel Time) बल्कि रोजाना आवाजाही करने वाले लाखों नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और व्यापारियों को जाम की झंझट से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।

गुरुग्राम-बावल रूट के एलाइनमेंट में भी बदलाव

हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ( HMRTC Namo Bharat Route Change) की सिफारिशों पर अमल करते हुए सरकार ने पूर्व प्रस्तावित रूटों में आवश्यक फेरबदल किया है।

इसके तहत पूर्ववर्ती ‘सराय काले खां-गुरुग्राम-शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़’ कॉरिडोर के संरेखण (एलाइनमेंट) को संशोधित कर अब इसे आधिकारिक रूप से ‘सराय काले खां-गुरुग्राम-बावल’ नमो भारत कॉरिडोर के तौर पर दर्ज कर लिया गया है। इस बदलाव से औद्योगिक हब बावल और गुरुग्राम के बीच सीधी और निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।

क्या है TOD नीति और इससे आम जनता को क्या मिलेगा फायदा?

सुलभ और आधुनिक परिवहन व्यवस्था के साथ-साथ व्यवस्थित शहरों का निर्माण करना टीओडी (ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट) नीति का मूल ढांचा है। इसके तहत नमो भारत और मेट्रो स्टेशनों के आसपास के 500 से 800 मीटर के दायरे में उच्च घनत्व वाले आवासीय परिसर, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, बाजार और दफ्तरों को विकसित करने की अनुमति दी जाती है।

इससे आम लोगों को पैदल दूरी पर ही परिवहन और जीवनयापन की तमाम सुविधाएं मिल जाती हैं, जिससे निजी वाहनों पर निर्भरता घटती है। इस फैसले से सोनीपत, पानीपत, करनाल, (Sonipat Panipat Karnal RRTS Connectivity) गुरुग्राम और बावल बेल्ट में रियल एस्टेट सेक्टर और स्थानीय अर्थव्यवस्था में नए निवेश का रास्ता साफ होगा।

यह भी पढ़ें– Suruchi Phogat Gold: एशियन रिकॉर्ड के साथ झज्जर की बेटी का कमाल! 10 मीटर एयर पिस्टल में भारत ने जीता गोल्ड

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed