Breaking News
Yamunanagar Factory Fire: यमुनानगर में टायर-ऑयल फैक्ट्री में जोरदार धमाके के बाद भीषण आग, 3 किमी दूर तक गूंजी आवाजHaryana Sweden Investment LOI: सीएम नायब सैनी के स्वीडन दौरे से बड़ी कामयाबी, हरियाणा में आएगा 4,000 करोड़ रुपये का निवेशMahendragarh Theft News: महेंद्रगढ़ के दौंगड़ा अहीर गांव में बंद मकान का ताला तोड़कर चोरी, सूट, नकदी और चांदी की पाजेब ले उड़े चोरHaryana Student Scholarship: हरियाणा के मेधावी छात्रों के लिए खुशखबरी, पढ़ाई में अव्वल रहने पर मिलेंगे 1000 रुपयेचंडीगढ़ एयरपोर्ट से खाड़ी देशों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी, शारजाह और आबू धाबी की फ्लाइटें फिर शुरू होंगीYamunanagar Factory Fire: यमुनानगर में टायर-ऑयल फैक्ट्री में जोरदार धमाके के बाद भीषण आग, 3 किमी दूर तक गूंजी आवाजHaryana Sweden Investment LOI: सीएम नायब सैनी के स्वीडन दौरे से बड़ी कामयाबी, हरियाणा में आएगा 4,000 करोड़ रुपये का निवेशMahendragarh Theft News: महेंद्रगढ़ के दौंगड़ा अहीर गांव में बंद मकान का ताला तोड़कर चोरी, सूट, नकदी और चांदी की पाजेब ले उड़े चोरHaryana Student Scholarship: हरियाणा के मेधावी छात्रों के लिए खुशखबरी, पढ़ाई में अव्वल रहने पर मिलेंगे 1000 रुपयेचंडीगढ़ एयरपोर्ट से खाड़ी देशों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी, शारजाह और आबू धाबी की फ्लाइटें फिर शुरू होंगी

Haryana Paddy Procurement: हरियाणा में धान खरीद जोरों पर, MSP पर बिक रही फसल, कुरुक्षेत्र और पंचकूला सबसे आगे

AAmandeep Singh
शेयर करें
Haryana Paddy Procurement: हरियाणा में धान खरीद जोरों पर, MSP पर बिक रही फसल, कुरुक्षेत्र और पंचकूला सबसे आगे

हरियाणा में धान खरीद जोरों पर, MSP पर बिक रही फसल, कुरुक्षेत्र और पंचकूला सबसे आगे

AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

Haryana Paddy Procurement: हरियाणा के कृषि बाज़ारों में इन दिनों धान की कटाई और बिक्री का दौर अपने चरम पर है। खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के तहत प्रदेशभर की निर्धारित मंडियों में सरकारी एजेंसियों द्वारा धान की खरीद लगातार सुचारू रूप से जारी है।

राज्य खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मंडियों में अब तक 21.27 लाख मीट्रिक टन धान की कुल आवक दर्ज की जा चुकी है, जिसमें से विभिन्न एजेंसियों ने 15.52 लाख मीट्रिक टन धान खरीद लिया है। सरकार के इस पुख्ता इंतजाम से अन्नदाताओं को उनकी फसल का उचित दाम मिल रहा है और अब तक कुल 1,221 करोड़ रुपये का सीधा भुगतान किसानों के खातों में किया जा चुका है।

विज्ञापन

एमएसपी और तय समयसीमा के तहत चल रही प्रक्रिया

केंद्र सरकार की ओर से इस सीजन के लिए तय किए गए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर ही खरीद हो रही है। सामान्य श्रेणी के धान का समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल जबकि बेहतरीन गुणवत्ता वाले ग्रेड-ए धान का मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

हरियाणा में सरकारी खरीद का यह महाअभियान गत 29 सितंबर से राज्यभर की 249 चिन्हित मंडियों में शुरू हुआ था, जो आगामी 15 नवंबर तक अनवरत रूप से जारी रहेगा। सरकार का पूरा जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों में किसी तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।

मुख्य सचिव ने की समीक्षा, उठान और तालमेल पर जोर

धान खरीद की जमीनी हकीकत और व्यवस्थाओं की उच्च स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने हाल ही में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई, जिसमें मंडियों में फसल की आवक, खरीद, समय पर उठान और किसानों के भुगतान की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया गया।

उन्होंने जिला प्रशासन, खरीद एजेंसियों, मंडी बोर्ड के अधिकारियों, ट्रांसपोर्टर्स और राइस मिल मालिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को साफ हिदायत दी गई है कि खरीद प्रक्रिया में आने वाली हर छोटी-बड़ी बाधा को तुरंत दूर किया जाए ताकि मंडियों में अनाज का अंबार न लगे।

58 लाख मीट्रिक टन का है कुल लक्ष्य

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार ने जानकारी दी है कि इस बार केंद्र सरकार ने हरियाणा के लिए 58 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का बड़ा लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य के मुकाबले राज्य ने अब तक करीब 27 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर ली है।

जिलावार प्रदर्शन की बात करें तो नीलामी के मामले में कुरुक्षेत्र जिला 88.2 प्रतिशत के अनुपात के साथ पूरे प्रदेश में अव्वल रहा है, जबकि यमुनानगर 81.8 और अंबाला 80.7 प्रतिशत के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर काबिज हैं। वहीं, खरीद के अनुपात में पंचकूला 93.7 प्रतिशत के साथ सबसे आगे चल रहा है।

डिजिटल तकनीक और जियो-फेंसिंग से बढ़ाई गई पारदर्शिता

भ्रष्ट गतिविधियों और बिचौलियों की मनमानी रोकने के लिए इस बार खरीद और मिलिंग प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

एक नए ऑनलाइन राइस मिल पंजीकरण पोर्टल के जरिए राज्यभर की 1,433 चावल मिलों का पंजीकरण किया जा चुका है, जिनमें से 1,215 मिलों का जियो-फेंसिंग आधारित भौतिक सत्यापन भी पूरा हो चुका है।  इसके अलावा, बिजली खपत और बिलों की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है। आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए अब तक 1,52,136 किसानों का वेरीफिकेशन किया जा चुका है, जिससे व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बन गई है।

यह भी पढ़ें–Sonipat Murder Case: मां की हत्या के मामले में फंसी जानवी बोली- आरोपी के खिलाफ खुद कोर्ट में दूंगी गवाही

ख़बर पसंद आई? शेयर करें
विज्ञापन

हरियाणा की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।