इन्द्री। ग्रामीण अंचल में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र की सबसे बुनियादी कड़ी कहे जाने वाले चौकीदार आज खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। इन्द्री में आयोजित इस ब्लॉक स्तरीय बैठक में अपनी बात रखते हुए ब्लॉक प्रधान जरनैल सिंह ने कहा कि सरकार की हर छोटी-बड़ी कल्याणकारी योजना को गांव के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होती है। चाहे दिन हो या रात, ग्रामीण चौकीदार हर वक्त अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार रहता है। लेकिन इस कमरतोड़ महंगाई के दौर में उन्हें महज 11,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है। इतने कम पैसों में आज के समय में किसी परिवार का सम्मानजनक गुजारा करना लगभग नामुमकिन हो चला है।
अनदेखी से बढ़ा आक्रोश, मांगों की लंबी फेहरिस्त
बैठक का संचालन कर रहे मदन कलरा सहित अन्य वक्ताओं ने इस बात पर गहरा दुख जताया कि अपनी वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाओं को लेकर वे कई बार सरकार के सामने गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हर बार उनके हाथ सिर्फ आश्वासन ही लगता है। इस बार चौकीदारों ने साफ कर दिया है कि वे अब चुप बैठने वाले नहीं हैं।
चौकीदार सभा ने इस बैठक के जरिए अपनी मुख्य मांगें सरकार के सामने रखी हैं:
माननीय उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) के पुराने फैसले को अमलीजामा पहनाते हुए सभी ग्रामीण चौकीदारों को पक्का (नियमित) किया जाए।
जब तक नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक उनका न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति माह किया जाए।
हर महीने की 7 तारीख तक अनिवार्य रूप से मानदेय का भुगतान उनके खातों में हो।
सभी चौकीदारों को ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) के दायरे में लाकर स्वास्थ्य लाभ दिया जाए और केंद्र सरकार के चार लेबर कोड्स को तुरंत रद्द किया जाए।
खाली पड़े पदों पर जल्द भर्ती हो ताकि मौजूदा स्टाफ पर काम का अतिरिक्त बोझ कम हो सके।
करनाल में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
राज्य संगठन के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए पदाधिकारियों ने बताया कि यह आंदोलन अब इन्द्री या किसी एक ब्लॉक तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार के कानों तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए आगामी 15 जून को करनाल के फव्वारा पार्क में जिले भर के ग्रामीण चौकीदार एकत्रित होंगे। वहां अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन करने के बाद सभी चौकीदार सामूहिक रूप से जिला उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम अपना मांग पत्र सौंपेंगे। आज की इस रणनीतिक बैठक में संगठन को मजबूती देने के लिए मामूराम, महिन्द्र सिंह, शुभम सिंह सहित भारी संख्या में ग्रामीण चौकीदार मौजूद रहे और सबने एक सुर में आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।

