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Haryana News: साइप्रस से डिपोर्ट हुआ गैंगस्टर दिनेश मिट्टू, हरियाणा एसटीएफ की हिरासत में आते ही उगले राज

AAmandeep Singh
Haryana News: साइप्रस से डिपोर्ट हुआ गैंगस्टर दिनेश मिट्टू, हरियाणा एसटीएफ की हिरासत में आते ही उगले राज
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पंचकुला। हरियाणा में व्यापारियों और आम जनता के मन में खौफ पैदा करने वाले गैंगस्टरों के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) काल बनकर उभरी है। विदेशी सरजमीं को अपनी ढाल बनाकर हरियाणा में रंगदारी का सिंडिकेट चलाने वाले अपराधियों के दिन अब लद चुके हैं। एसटीएफ ने एक अत्यंत गोपनीय और त्वरित अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन के तहत साइप्रस में छिपे बैठे दिनेश उर्फ मिट्टू को डिपोर्ट कराकर भारत की सरजमीं पर ला पटका है। आरोपी दिनेश उर्फ मिट्टू पर हरियाणा के अलग-अलग जिलों में हत्या, टारगेट किलिंग और अवैध हथियारों की सप्लाई जैसे संगीन जुर्मों की साजिश रचने का आरोप है।

काला खैरामपुर और भाऊ गैंग का सिंडिकेट, युवाओं को बनाता था मोहरा

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मूल रूप से हिसार के खैरामपुर गांव का रहने वाला 29 वर्षीय दिनेश, ‘काला खैरामपुर गैंग’ का सबसे शातिर सिपहसालार माना जाता है। इस गैंग का जाल हरियाणा के हिसार, सोनीपत, भिवानी, पानीपत, गुरुग्राम और पड़ोसी राज्य राजस्थान तक फैला है।

जांच के दौरान जो सबसे चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है, वह है दिनेश द्वारा संचालित ‘डब्बा कॉलिंग’ नेटवर्क। साइप्रस में बैठकर दिनेश इस अवैध संचार माध्यम (डब्बा कॉलिंग) का इस्तेमाल करता था ताकि जब वह भारत में किसी बड़े व्यापारी को धमकी दे, तो उसकी सही लोकेशन और पहचान छिपी रहे। इसके अलावा, वह सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से हरियाणा के भोले-भाले युवाओं को बरगलाकर इस दलदल में धकेलता था और गैंगस्टरों के लिए जमीनी शूटर तैयार करता था।

हिसार का वो चर्चित महिंद्रा शोरूम कांड और फरारी की इनसाइड स्टोरी

जून 2024 में हिसार के महिंद्रा शोरूम पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी, जिसने पूरे राज्य की कानून व्यवस्था को हिलाकर रख दिया था। इस रंगदारी कांड की पूरी स्क्रिप्ट साइप्रस में बैठकर दिनेश मिट्टू ने ही लिखी थी। इसके बाद अदालत ने उसके खिलाफ ओपन-डेटेड अरेस्ट वारंट जारी किया था।

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, दिनेश साल 2020 में ही फर्जीवाड़े और चालाकी से भारत छोड़कर साइप्रस भाग गया था और वहां एक वैध पासपोर्ट के सहारे छिपकर रह रहा था। एसटीएफ ने जाल बिछाते हुए सबसे पहले उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी करवाया और फिर ‘भारतपोल’ के जरिए इंटरपोल से संपर्क साधकर ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ के लिए फाइल आगे बढ़ाई। अंतरराष्ट्रीय कानून एजेंसियों के बढ़ते दबाव के आगे साइप्रस सरकार को घुटने टेकने पड़े और दिनेश को भारत डिपोर्ट कर दिया गया।

रिमांड पर खुलेगी कुंडली, अब तक 11 बड़े चेहरे आए घुटनों पर

एसटीएफ के आला अधिकारियों के मुताबिक, कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद दिनेश मिट्टू से उन सभी सफेदपोशों और गैंगस्टरों के बारे में पूछताछ की जाएगी जो विदेशों में बैठकर उसे लॉजिस्टिक सपोर्ट दे रहे थे।

गौरतलब है कि साल 2026 हरियाणा एसटीएफ के लिए सफलताओं का साल रहा है। पुलिस ने अब तक विभिन्न देशों के साथ समन्वय स्थापित कर अलग-अलग सिंडिकेट के 11 बड़े अपराधियों को डिपोर्ट या प्रत्यर्पित कराया है। इनमें लॉरेंस बिश्नोई और रणदीप मलिक गैंग के सोम्बीर मोटा व अभय राणा समेत 4 गुर्गे, रोहित गोदारा गैंग का अमन भैंसवाल, भूप्पी राणा गैंग का साहिल चौहान और कौशल गैंग का अंकित शौकीन शामिल हैं। एसटीएफ की इस आक्रामक नीति ने यह साफ संदेश दे दिया है कि अपराधी दुनिया के किसी भी कोने में छिप जाएं, कानून के लंबे हाथ उन्हें पाताल से भी खींच लाएंगे।

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