Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Haryana UP Interchange: हरियाणा-यूपी का सफर हुआ आसान: जुलाई में शुरू होगा 432 करोड़ का इंटरचेंज, जाम की छुट्टी

AAmandeep Singh
हरियाणा-यूपी का सफर हुआ आसान: जुलाई में शुरू होगा 432 करोड़ का इंटरचेंज, जाम की छुट्टी
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

हरियाणा। सोनीपत और कुंडली के रास्ते उत्तर प्रदेश की ओर रुख करने वाले मुसाफिरों के लिए अच्छी खबर है। कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (EPE) और यमुना एक्सप्रेस-वे के बीच की वह ‘मिसिंग लिंक’ अब जुड़ने जा रही है, जिसका इंतजार सालों से हो रहा था। करीब 432 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा इंटरचेंज अपने अंतिम पड़ाव पर है। नेशनल हाईवे-44 कॉरिडोर के साथ सफर करने वाले हरियाणा के वाहन चालकों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं होगा। ताजा अपडेट के अनुसार, जुलाई के अंत तक इस इंटरचेंज को पूरी तरह चालू कर दिया जाएगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर का ट्रैफिक मैनेजमेंट एक नए स्तर पर पहुंच जाएगा।

परी चौक के ‘महाजाम’ से मिलेगा छुटकारा, सीधे यमुना एक्सप्रेस-वे पर होगी एंट्री

विज्ञापन

फिलहाल हरियाणा के सोनीपत, पानीपत या कुंडली से आने वाले वाहनों को यमुना एक्सप्रेस-वे पकड़ने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ती है। ड्राइवरों को ईपीई (EPE) से उतरकर ग्रेटर नोएडा के बेहद व्यस्त ‘परी चौक’ से गुजरना पड़ता है, जो अक्सर जाम के कारण सिरदर्द बना रहता है। शहर के भीतर से होकर जीरो पॉइंट तक पहुंचने की इस प्रक्रिया में घंटों बर्बाद होते हैं। लेकिन नया इंटरचेंज शुरू होते ही वाहन बिना किसी रुकावट के सीधे एक एक्सप्रेस-वे से दूसरे पर स्विच कर सकेंगे। इससे न केवल ग्रेटर नोएडा शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, बल्कि यात्रियों के करीब 20 किलोमीटर के चक्कर की भी बचत होगी।

समय और ईंधन की बचत: हरियाणा के इन जिलों को होगा सीधा फायदा

इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा असर समय और लागत पर पड़ेगा। सोनीपत, जींद, करनाल और अंबाला की तरफ से आकर आगरा या लखनऊ जाने वाले वाहन चालकों का करीब आधे से एक घंटा बचेगा। इंटरचेंज के जरिए सफर सुगम होने से ईंधन की खपत में भी भारी कमी आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कनेक्टिविटी उत्तर भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए भी गेम-चेंजर साबित होगी। भारी कमर्शियल वाहनों को अब रिहायशी इलाकों में जाने की जरूरत नहीं होगी, जिससे हादसों की आशंका भी घटेगी।

जुलाई में उद्घाटन की तैयारी: प्रोजेक्ट का काम अंतिम चरण में

एनएचएआई (NHAI) और संबंधित निर्माण एजेंसियां इस समय इंटरचेंज पर फिनिशिंग टच देने में जुटी हैं। सड़क की लेयरिंग और साइनबोर्ड लगाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। 432 करोड़ की भारी-भरकम लागत से तैयार यह ढांचा आधुनिक इंजीनियरिंग का नमूना है। अधिकारियों का कहना है कि मानसून के दौरान भी काम की गति धीमी नहीं होने दी जाएगी ताकि जुलाई की डेडलाइन को हर हाल में पूरा किया जा सके। इस कनेक्टिविटी के शुरू होने से हरियाणा और यूपी के बीच व्यापारिक रिश्ते भी और अधिक मजबूत होंगे।

विज्ञापन

हरियाणा की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।