Haryana Weather: पिछले कुछ दिनों से शुष्क हवाओं और तेज धूप का सामना कर रहे हरियाणा वासियों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश के मौसम में अगले छह दिनों के दौरान बड़ा उलटफेर देखने को मिलने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में एक के बाद एक दो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) दस्तक देने जा रहे हैं। इनके असर से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की प्रबल संभावना है। इस मौसमी बदलाव से लगातार चढ़ रहे पारे पर ब्रेक लगेगा और लोगों को अलसुबह तथा रात के वक्त हल्की ठंडक का अहसास होने लगेगा।
7 अक्टूबर की रात से दस्तक देगा पहला सिस्टम, उत्तरी जिलों में दिखेगा ज्यादा असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पहला पश्चिमी विक्षोभ 7 अक्टूबर की रात से सक्रिय हो जाएगा, जिसका असर 9 अक्टूबर तक बना रहेगा। इस दौरान खासकर उत्तरी हरियाणा के जिलों—पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र में हवाओं की रफ्तार बढ़ने के साथ हल्की से मध्यम बौछारें गिर सकती हैं। वहीं दक्षिण और पश्चिमी हरियाणा के बाकी इलाकों में आसमान में बादलों की आवाजाही रहेगी और कुछ जगह छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है।
9 अक्टूबर को आएगा दूसरा विक्षोभ, 10 से 12 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में छाएंगे बादल
पहले विक्षोभ का असर खत्म होते ही 9 अक्टूबर को दूसरा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो जाएगा। इसका प्रभाव ज्यादा व्यापक रहने का अनुमान है। 10 से 12 अक्टूबर के बीच राज्य के अधिकतर क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और रह-रहकर हल्की बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान चलने वाली ठंडी हवाएं दिन और रात, दोनों के तापमान को तेजी से नीचे लाएंगी, जिससे राज्य में विधिवत गुलाबी ठंड की शुरुआत हो जाएगी।
पारे की चाल: हिसार में 39 डिग्री पहुंचा पारा, सामान्य से 2 से 5 डिग्री तक अधिक रहा तापमान
हालिया दिनों में चल रही पश्चिमी शुष्क हवाओं के कारण राज्य में गर्मी और उमस का अहसास बढ़ गया था। बीते 4-5 दिनों में औसतन अधिकतम तापमान सामान्य से 2.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। आंकड़ों पर नजर डालें तो हिसार में अधिकतम पारा 39.0 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से 3.2 डिग्री ज्यादा है। इसी तरह नारनौल में तापमान सामान्य से 4.9 डिग्री चढ़कर 38.5 डिग्री, भिवानी में 38.0 डिग्री और चरखी दादरी में 37.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
कृषि विशेषज्ञों की सलाह: मौसम देखकर ही करें सिंचाई और कटाई का काम
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार के मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि बारिश और तेज हवाओं के चलते दिन व रात के तापमान में गिरावट तय है। उन्होंने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि वे बदलते मौसम और बारिश के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर ही अपनी फसलों की कटाई, मड़ाई या सिंचाई की योजना बनाएं, ताकि किसी तरह का नुकसान न हो।

