चंडीगढ़। हरियाणा की मशहूर अभिनेत्री अंजलि राघव और भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह के बीच विवाद ने अब कानूनी और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अंजलि की कमर छूने और उसके बाद सोशल मीडिया पर मचे बवाल को लेकर हरियाणा राज्य महिला आयोग ने बेहद सख्त तेवर अपनाए हैं। आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने स्पष्ट किया है कि किसी भी कलाकार की गरिमा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में सुनवाई के लिए 2 अप्रैल की तारीख तय की गई है, जहाँ फरीदाबाद कार्यालय में दोनों सितारों को अपनी सफाई पेश करनी होगी।
लखनऊ से शुरू हुई थी तकरार, दिल्ली की रामलीला तक पहुंची आंच
अंजलि राघव ने अपनी शिकायत में उन लम्हों का जिक्र किया है जब वे लखनऊ में एक गाने के प्रमोशन के लिए मंच पर मौजूद थीं। आरोप है कि पवन सिंह ने उनकी मर्जी के बिना उन्हें गलत तरीके से छुआ, जिसका विरोध करने पर मामला और बिगड़ गया। अंजलि का कहना है कि बात सिर्फ मंच तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके बाद सुनियोजित तरीके से उन्हें सोशल मीडिया पर निशाना बनाया गया। इस विवाद का असर अंजलि के करियर पर भी पड़ा; उन्होंने खुलासा किया कि इसी विवाद और सोशल मीडिया ट्रायल की वजह से दिल्ली की प्रतिष्ठित रामलीला में उनसे ‘माता सीता’ का रोल वापस ले लिया गया।
बादशाह केस से मिली हिम्मत, रेनू भाटिया बोलीं- ‘तैयार रहे हर पक्ष’
महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने बताया कि अंजलि ने हाल ही में रैपर बादशाह के खिलाफ आयोग की सख्त कार्रवाई को देखने के बाद अपनी शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत जुटाई है। अंजलि ने आयोग को वीडियो और डिजिटल सबूत भी सौंपे हैं। भाटिया के अनुसार, “हमने दोनों पक्षों को नोटिस भेज दिया है। फरीदाबाद में होने वाली इस सुनवाई में अंजलि और पवन सिंह को खुद उपस्थित होना होगा।” आयोग ने यह भी कहा कि अंजलि के खिलाफ इंटरनेट पर किए जा रहे भद्दे कमेंट्स और आपत्तिजनक पोस्ट्स को हटवाने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है।
कलाकारों की सुरक्षा और डिजिटल बुलिंग पर बड़ी बहस
यह मामला सिर्फ दो कलाकारों की आपसी लड़ाई का नहीं, बल्कि मंच पर महिला कलाकारों की सुरक्षा और उनके खिलाफ होने वाली डिजिटल बुलिंग (Digital Buling) का भी है। अंजलि का आरोप है कि पवन सिंह के समर्थकों ने उन्हें बदनाम करने के लिए प्रोपेगेंडा चलाया, जिससे उनकी सामाजिक छवि धूमिल हुई। अब सबकी नजरें 2 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी हैं, जहाँ यह तय होगा कि क्या पवन सिंह को अपनी इस हरकत के लिए माफी मांगनी होगी या आयोग उन पर कोई भारी जुर्माना या अन्य दंडात्मक कार्रवाई करेगा।

