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Haryana Women Development Corporation: अब महिलाएं खुद चलाएंगी ई-रिक्शा और बुटीक, हरियाणा महिला विकास निगम दे रहा है ब्याज मुक्त ऋण।

GGaganpreet Kaur
अब महिलाएं खुद चलाएंगी ई-रिक्शा और बुटीक, हरियाणा महिला विकास निगम दे रहा है ब्याज मुक्त ऋण।
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कैथल। हरियाणा सरकार ने राज्य की बेसहारा और संघर्षशील महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना को गति दी है। हरियाणा महिला विकास निगम की जिला प्रबंधक कंपन बाला ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा ऐसी महिलाओं को, जो विधवा हैं या जिनका तलाक हो चुका है, उन्हें अपना खुद का काम शुरू करने के लिए बैंकों के जरिए 3 लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल का सीधा मकसद महिलाओं को दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय खुद का मालिक बनाना और उन्हें ‘स्वावलंबी’ बनाना है।

पात्रता और शर्तों का गणित: किसे और कैसे मिलेगा फायदा?

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इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी मापदंड तय किए हैं। योजना के अंतर्गत वे महिलाएं आवेदन कर सकती हैं जिनकी उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच है और उनके परिवार की कुल वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं है। ऋण प्रक्रिया के अनुसार, कुल लागत का 10 प्रतिशत हिस्सा महिला को स्वयं जुटाना होगा, जबकि शेष 90 प्रतिशत राशि बैंकों के माध्यम से ऋण के रूप में दी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए तैयार की गई है।

ब्याज की चिंता से मुक्ति: सरकार भरेगी 50 हजार तक की सब्सिडी

लोन लेने के बाद सबसे बड़ी चिंता ब्याज चुकाने की होती है, लेकिन यहाँ हरियाणा महिला विकास निगम ने बड़ी राहत दी है। बैंक ऋण पर लगने वाले ब्याज की प्रतिपूर्ति निगम द्वारा सब्सिडी के रूप में की जाएगी। इसकी अधिकतम सीमा 50 हजार रुपये तय की गई है और यह सुविधा 3 वर्ष की अवधि के लिए मान्य होगी। इसका मतलब यह है कि शुरुआती तीन सालों तक महिलाओं पर ब्याज का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा, जिससे वे अपने बिजनेस को मजबूती से खड़ा कर सकेंगी।

इन कार्यों के लिए मिल सकती है मदद: ऑटो से लेकर बेकरी तक विकल्प ही विकल्प

जिला प्रबंधक कंपन बाला के अनुसार, इस ऋण राशि का उपयोग महिलाएं विभिन्न प्रकार के लघु उद्योगों और सेवाओं के लिए कर सकती हैं। इनमें सिलाई-कढ़ाई, बुटीक, ई-रिक्शा, ऑटो चलाना, मसाला या अचार यूनिट स्थापित करना, बेकरी, रेडीमेड गारमेंट्स का काम, कंप्यूटर सेंटर या कैरी बैग निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। इच्छुक महिलाएं अधिक जानकारी के लिए कैथल में नए बस स्टैंड के पीछे भगत सिंह कॉलोनी स्थित निगम के कार्यालय में संपर्क कर सकती हैं या विभाग द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल कर पूरी प्रक्रिया समझ सकती हैं।

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