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पंचकूला के स्वदेशी महोत्सव में जीवंत हुआ हरियाणा का स्वदेशी गांव, पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र बनी सांस्कृतिक प्रदर्शनी

VVinita Kohli
पंचकूला के स्वदेशी महोत्सव में जीवंत हुआ हरियाणा का स्वदेशी गांव, पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र बनी सांस्कृतिक प्रदर्शनी
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पंचकूला: स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित दस दिवसीय स्वदेशी महोत्सव–2025 में विरासत दि हेरिटेज विलेज, कुरुक्षेत्र द्वारा लगाई गई सांस्कृतिक प्रदर्शनी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। इस प्रदर्शनी में एक ओर जहां हरियाणा की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के स्वदेशी उत्पादों का भी भव्य प्रदर्शन किया गया है। यह जानकारी स्वदेशी मेला संयोजक राजेश गोयल ने दी। उन्होंने बताया कि मेले में आने वाले पर्यटकों में हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत को देखने को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। पारंपरिक लोक शैली में प्रदर्शित विषय-वस्तुओं के कारण स्वदेशी मेले में मानो एक स्वदेशी गांव की झलक सजीव हो उठी है।

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प्रदर्शनी में 100 वर्ष से अधिक पुरानी बैलगाड़ी, घूंघट उठाए हरियाणवी महिला की आकृति, चक्की चलाती और ओखल कूटती महिलाएं, 100 साल पुराना देशी नलका तथा हाथ से चलाने वाला गंडासा जैसे आकर्षक सेल्फी प्वाइंट पर्यटकों को खूब भा रहे हैं। पर्यटक इनके साथ फोटो लेकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं, जिससे प्रदर्शनी की लोकप्रियता और बढ़ रही है। विरासत हेरिटेज विलेज के संयोजक डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि स्वदेशी मेले में विरासत की ओर से एक भव्य स्वदेशी द्वार का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही हरियाणा की पगड़ी के विभिन्न स्वरूप भी यहां देखने को मिल रहे हैं। चौपाल का दृश्य, जिसमें दादा-पोता चारपाई पर बैठे दिखाई देते हैं, दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।

इसके अलावा हरियाणा की कृषि संस्कृति से जुड़ी अनेक दुर्लभ वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं, जिनमें प्राचीन हल, खेतों में प्रयुक्त बैलों की गोडी, कुएं में इस्तेमाल होने वाले डोल, अनाज मापने के पारंपरिक मापक, बीज बोने के लिए प्रयुक्त ओरने, पशुओं के गले की लकड़ी की घंटियां तथा 70 वर्ष से अधिक पुरानी जेली और टांगलियां शामिल हैं। लुगदी से बने बोहिये और लगभग 200 वर्ष पुराने बर्तन भी दर्शकों के लिए विशेष कौतूहल का विषय बने हुए हैं। उन्होंने बताया कि यह स्वदेशी महोत्सव 28 दिसंबर तक पर्यटकों के लिए खुला रहेगा।

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