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हेल्दी नाश्ता खाकर भी नहीं घट रहा वजन? इन 5 चीजों में छिपी है ज्यादा कैलोरी

AAmit Gupta
हेल्दी नाश्ता खाकर भी नहीं घट रहा वजन? इन 5 चीजों में छिपी है ज्यादा कैलोरी
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Healthy Breakfast Weight Gain: सुबह का नाश्ता बदलने के बाद भी अगर वजन कम नहीं हो रहा तो वजह आपके ‘हेल्दी’ विकल्प हो सकते हैं। परांठा-पूरी छोड़कर स्मूदी, नट्स, ड्राई फ्रूट्स और लो-फैट दही खाने लगे, लेकिन तराजू की सुई वहीं की वहीं है। असली सवाल यह है कि आप क्या और कितनी मात्रा में खा रहे हैं।

सिर्फ पैकेट पर हेल्दी, मल्टीग्रेन या लो-फैट लिखा होना काफी नहीं है। कई बार यही चीजें जरूरत से ज्यादा कैलोरी और शुगर दे देती हैं, जिसका असर सीधे वजन और ब्लड शुगर पर पड़ता है।

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नट्स और नट बटर: छोटी मात्रा, बड़ी कैलोरी

नट्स में अच्छे फैट और प्रोटीन होते हैं, इसलिए इन्हें हेल्दी माना जाता है। लेकिन एक छोटी मुट्ठी में ही 150–200 कैलोरी आराम से हो जाती है। अगर बिना नापे रोज दो-तीन मुट्ठी खा ली, तो कैलोरी तेजी से बढ़ती है।

नट बटर और भी ज्यादा कैलोरी डेंस होता है। एक चम्मच के बाद दूसरा चम्मच कब हो जाता है, पता नहीं चलता। फायदा तभी है जब मात्रा नियंत्रित हो।

स्मूदी और फ्रूट जूस: शुगर बम का खतरा

स्मूदी सुनते ही हेल्दी विकल्प का ख्याल आता है। लेकिन जब उसमें कई तरह के फल, मीठा दही और ऊपर से शहद मिलाया जाता है, तो कैलोरी और शुगर काफी बढ़ जाती है।

फ्रूट जूस में फल का फाइबर नहीं रहता। बचती है सिर्फ शुगर और लिक्विड कैलोरी। ये पेट जल्दी नहीं भरती, इसलिए थोड़ी देर बाद फिर भूख लगती है और स्नैकिंग बढ़ जाती है।

ड्राई फ्रूट्स: कम मात्रा में ज्यादा शुगर

ड्राई फ्रूट्स में फल का पानी निकाल दिया जाता है। इससे शुगर और कैलोरी ज्यादा कंसंट्रेटेड हो जाती है। एक मुट्ठी किशमिश या सूखा आम कई पूरे फलों जितनी शुगर दे सकता है।

ये छोटे और मीठे होते हैं, इसलिए ओवरईटिंग का खतरा ज्यादा रहता है। अगर वजन घटाना लक्ष्य है, तो मात्रा पर ध्यान जरूरी है।

लो-फैट फ्लेवर्ड दही और फैंसी सीरियल का सच

लो-फैट शब्द कई लोगों को आकर्षित करता है। लेकिन फ्लेवर्ड दही में अक्सर वसा की जगह चीनी मिलाई जाती है। यह अतिरिक्त चीनी पेट नहीं भरती और भूख जल्दी बढ़ा सकती है।

रंग-बिरंगे ब्रेकफास्ट सीरियल जिन पर मल्टीग्रेन या फिटनेस लिखा होता है, उनमें कई बार ज्यादा चीनी और कम फाइबर होता है। ये ब्लड शुगर तेजी से बढ़ाते हैं और कुछ ही समय में दोबारा भूख लग जाती है।

आम लोगों पर इसका असर

ऐसी चीजें रोजाना डाइट का हिस्सा बन जाएं तो कैलोरी इंटेक धीरे-धीरे बढ़ता है। वजन कम करने की कोशिश के बावजूद रिजल्ट नहीं मिलता और निराशा बढ़ती है। सही मात्रा, लेबल पढ़ने की आदत और संतुलित भोजन ही असर दिखाता है।

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