Hisar News: हरियाणा के हिसार जिले के गैबीपुर गांव में शनिवार को एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। गृह क्लेश और आपसी मनमुटाव के चलते एक ही परिवार के दो चिराग हमेशा के लिए बुझ गए। (Gaibipur village Hisar) गांव में स्थित जलघर का टैंक उस वक्त चीख-पुकार से गूंज उठा जब 30 वर्षीय सुनीता अपने ढाई साल के मासूम बच्चे को गोद में लेकर अचानक पानी से लबालब भरे गहरे टैंक में कूद गई। महिला को बच्चे समेत मौत की आगोश में समाते देख उसके पति 32 वर्षीय राजकुमार ने बिना अपनी जान की परवाह किए उन्हें बचाने के लिए तुरंत टैंक में छलांग लगा दी।
मददगारों ने मासूम को बचाया, पर पति-पत्नी की थमी सांसे
घटना के वक्त जलघर के आसपास काम कर रहे दो स्थानीय युवकों ने जब पानी में हलचल और छटपटाहट देखी, तो वे तुरंत हरकत में आ गए। युवकों ने तत्परता दिखाते हुए पानी में उतरकर ढाई साल के मासूम बच्चे को तो किसी तरह खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक राजकुमार और सुनीता पानी की गहराई में समा चुके थे।
सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। काफी मशक्कत के बाद दोनों पति-पत्नी को पानी से बाहर निकालकर एंबुलेंस के जरिए बरवाला के उपमंडल नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि मृतका सुनीता 7 से 8 महीने की गर्भवती थी।
मासूम बच्चे की हालत सामान्य, हिसार भेजे गए शव
इस दुखद हादसे में चमत्कारिक रूप से बचे ढाई साल के बच्चे को पहले बरवाला के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत पूरी तरह से सामान्य और खतरे से बाहर बताई, जिसके बाद उसे छुट्टी दे दी गई। (Barwala police station) वहीं, घटना की सूचना मिलते ही बरवाला थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की।
जांच अधिकारी एएसआई फ्लैल सिंह ने बताया कि मृतक राजकुमार मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालता था। शुरुआती जांच में घटना की मुख्य वजह पति-पत्नी के बीच जारी आपसी कलह मानी जा रही है।
कानूनी कार्रवाई में जुटी पुलिस
पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए हिसार के नागरिक अस्पताल भेज दिया है। शनिवार को परिजनों की मौजूदगी में शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के बयानों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे गैबीपुर गांव में मातम का माहौल है और हर कोई उस मासूम बच्चे के सिर से उठे मां-बाप के साये को लेकर स्तब्ध है।

