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हिसार में तेल के लिए त्राहि-त्राहि: पेट्रोल पंपों पर लिमिट तय, अफवाहों ने बढ़ाई लोगों की धड़कनें

AAmandeep Singh
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हिसार। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) के युद्धग्रस्त हालातों का सीधा असर अब हिसार के आम जनजीवन पर दिखने लगा है। पिछले 24 घंटों में यह चर्चा जंगल की आग की तरह फैली कि देश में पेट्रोलियम पदार्थों का भंडार खत्म होने वाला है। इस एक अफवाह ने शनिवार को हिसार के बस स्टैंड से लेकर औद्योगिक क्षेत्र तक के पेट्रोल पंपों को ‘अखाड़ा’ बना दिया। लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के साथ-साथ ड्रम और बोतलों में भी तेल भरने की जिद पर अड़े हैं। हालात को बिगड़ता देख पंप संचालकों ने तेल देने की एक सीमा (Limit) तय कर दी है ताकि हर किसी को थोड़ा-बहुत ईंधन मिल सके।

टू-व्हीलर को ₹300, कार को ₹1000: पंपों पर शुरू हुई ‘राशनिंग’

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हिसार के पंप संचालकों ने आपसी सहमति से एक अस्थायी व्यवस्था लागू की है। अब किसी भी दोपहिया वाहन चालक को ₹300 से ज्यादा और कार मालिकों को ₹1000 से अधिक का पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है। वहीं, बड़े ट्रकों के लिए 100 लीटर की लिमिट तय की गई है। पंप मैनेजरों का कहना है कि पीछे से तेल कंपनियों ने सप्लाई में करीब 40-50% की कटौती कर दी है, जिससे उनके पास मौजूद स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है। अधिक तेल की मांग करने वाले चालकों और सेल्समैन के बीच तीखी नोकझोंक के मामले भी सामने आ रहे हैं।

किसानों की चिंता: कटाई सीजन पर मंडराया संकट

तेल की इस कथित किल्लत का सबसे बुरा असर खेती-किसानी पर पड़ता दिख रहा है। वर्तमान में फसलों की कटाई का सीजन यौवन पर है और कंबाइन मशीनों व ट्रैक्टरों को भारी मात्रा में डीजल की जरूरत है। किसानों का कहना है कि अगर उन्हें समय पर पर्याप्त डीजल नहीं मिला, तो 1 अप्रैल से शुरू होने वाली सरकारी खरीद और मंडियों तक फसल पहुंचाने का काम पूरी तरह ठप हो जाएगा। ग्रामीण इलाकों के पंपों पर स्थिति और भी गंभीर है, जहां डीजल की मांग शहर के मुकाबले कहीं ज्यादा है।

प्रशासन अलर्ट: उपायुक्त ने मांगी ‘ड्राई-आउट’ पंपों की लिस्ट

अफवाहों और बढ़ती अव्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। जिला उपायुक्त ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उन पंपों की पहचान की जाए जो ‘ड्राई-आउट’ (तेल खत्म होना) की स्थिति में हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तेल का भंडार पर्याप्त है, बस पैनिक बाइंग की वजह से लॉजिस्टिक्स में समस्या आ रही है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के मुताबिक ही ईंधन खरीदें ताकि कृत्रिम कमी पैदा न हो।

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