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Hisar Roadways Strike: हिसार डिपो का मेन गेट बंद, रोडवेज कर्मचारियों के प्रदर्शन से बसों के पहिए थमे, यात्री बेहाल

AAmandeep Singh
Hisar Roadways Strike: हिसार डिपो का मेन गेट बंद, रोडवेज कर्मचारियों के प्रदर्शन से बसों के पहिए थमे, यात्री बेहाल
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हिसार। हरियाणा रोडवेज के हिसार डिपो में आज सुबह उस वक्त अचानक हड़कंप मच गया, जब आंदोलनकारी कर्मचारियों ने डिपो के मुख्य प्रवेश द्वार को चारों तरफ से घेरकर बंद कर दिया। संझा संघर्ष समिति के आह्वान पर हुए इस औचक कदम के बाद रोडवेज महकमे में अफरा-तफरी फैल गई। कर्मचारियों ने सुबह ठीक 10 बजे जैसे ही गेट पर मोर्चा संभाला, वैसे ही बसों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। जो बसें रूट पर जाने के लिए तैयार खड़ी थीं, वे अंदर ही फंसी रह गईं और जो बाहर से आ रही थीं, उन्हें सड़क पर ही रुकना पड़ा। इस अप्रत्याशित तालाबंदी की सीधी मार उन आम यात्रियों पर पड़ी, जो तपती धूप में अपनों के पास जाने या दफ्तर पहुंचने के लिए बस स्टैंड पर इंतजार कर रहे थे।

11 दिन के सब्र का बांध टूटा; प्रशासन को पहले ही दी थी अल्टीमेटम

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धरने पर बैठे कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यह गुस्सा एक दिन का नहीं है। वे पिछले 11 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी 15 सूत्रीय जायज मांगों को लेकर डिपो परिसर में धरना दे रहे थे, लेकिन गूंगे-बहरे प्रशासन ने उनकी सुध लेना मुनासिब नहीं समझा। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि उन्होंने पहले ही आधिकारिक तौर पर रोडवेज के महाप्रबंधक (GM) को चेतावनी दे दी थी कि यदि समय रहते उनकी मांगों का निपटारा नहीं हुआ, तो 25 मई को डिपो का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। आज उसी तय रणनीति के तहत यह कदम उठाया गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि ज्ञापन सौंपने के बाद भी जीएम कार्यालय की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई, जिससे कर्मचारियों का रोष सातवें आसमान पर पहुंच गया।

मांगें नहीं मानीं तो पूरे हरियाणा में थमेंगे चक्का, पूर्व प्रधानों का भी मिला साथ

आंदोलन की तपिश अब हिसार से निकलकर पूरे सूबे में फैलने के आसार नजर आ रहे हैं। गेट पर डटे कर्मचारी यूनियनों ने दोटूक शब्दों में कहा:

“हमारी मांगें बहुत बुनियादी हैं, जैसे वर्कशॉप में काम करने वाले मैकेनिकों और स्टाफ के लिए शेड की उचित व्यवस्था करना, ताकि वे इस झुलसाने वाली गर्मी में काम कर सकें। लेकिन विभाग कोई सुनवाई नहीं कर रहा। अगर अब भी समाधान नहीं निकला, तो आगामी 29 मई को पूरे हरियाणा के सभी डिपो में 4 घंटे का सांकेतिक धरना दिया जाएगा। इसके बाद भी बात न बनी, तो हिसार डिपो को पूरी तरह बंद कर पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन चक्का जाम की घोषणा कर दी जाएगी।”

इस बीच, कर्मचारियों के इस आंदोलन को तब और मजबूती मिली जब रोडवेज के पूर्व प्रधान राजपाल नैन ने अपने साथियों के साथ धरना स्थल पर पहुंचकर इस प्रदर्शन को खुला समर्थन दे दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद मीडिया से बातचीत में कहा कि कर्मचारियों की मांगें ऐसी नहीं हैं जिन्हें पूरा करने के लिए सरकार को कोई बड़ा वित्तीय बोझ उठाना पड़े; जीएम स्तर पर भी इन समस्याओं को चुटकियों में सुलझाया जा सकता है। उन्होंने एलान किया कि विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी भी अपने छोटे भाइयों के साथ इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं, यह गतिरोध खत्म नहीं होगा।

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