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Vanya Hisar India Book of Records: हिसार की नन्ही वान्या का जलवा: ढाई साल की उम्र में 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में बनाया स्थान

AAmandeep Singh
हिसार की नन्ही वान्या का जलवा: ढाई साल की उम्र में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में बनाया स्थान
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हिसार। वान्या की इस सफलता की राह इतनी आसान नहीं थी। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में वान्या को कुल छह अलग-अलग चरणों से गुजरना पड़ा। इन चरणों के दौरान नन्हीं वान्या से सामान्य ज्ञान के 15 कठिन सवाल, साल के महीनों के नाम, सप्ताह के दिनों के नाम, इंद्रधनुष के रंग, सौरमंडल के ग्रहों के नाम और चारों ऋतुओं की जानकारी मांगी गई थी।

वान्या के पिता पुरुषोत्तम सैनी ने बताया कि वान्या के प्रदर्शन के वीडियो बनाकर आयोजकों को भेजे गए थे। रिकॉर्ड्स की टीम ने इन वीडियो की गहनता से जांच की कि कहीं ये एडिटेड तो नहीं हैं या कहीं और पहले इस्तेमाल तो नहीं किए गए। सभी कड़े मानकों पर खरा उतरने के बाद वान्या को इस प्रतिष्ठित खिताब से नवाजा गया।

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खेल-खेल में बढ़ाया सामान्य ज्ञान

वान्या की इस प्रतिभा को निखारने में उसकी मां आंचल सैनी का बड़ा योगदान है। आंचल ने वान्या की बचपन से ही नई चीजों को जानने की उत्सुकता को पहचाना और उसे खेल-खेल में जानकारियां देना शुरू किया। पिता पुरुषोत्तम सैनी कहते हैं, “वान्या में सीखने की अद्भुत क्षमता है। उसकी रुचि सामान्य ज्ञान के विषयों में बहुत ज्यादा है। हम बस उसे प्रोत्साहित करते हैं और वह उसे बड़ी आसानी से आत्मसात कर लेती है।”

परिवार और समाज के लिए गर्व का क्षण

हिसार जैसे छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर के रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज कराना बड़ी बात है। वान्या की इस उपलब्धि पर महाबीर कॉलोनी के निवासियों ने भी हर्ष व्यक्त किया है। जानकारों का कहना है कि आज के डिजिटल युग में जहां बच्चे स्क्रीन की लत में डूबे हैं, वहीं वान्या जैसी नन्ही प्रतिभाएं यह दिखा रही हैं कि सही मार्गदर्शन मिले तो बच्चे अद्भुत परिणाम दे सकते हैं।

फिलहाल, वान्या को मिला इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स का मेडल और सर्टिफिकेट पूरे सैनी परिवार के लिए किसी बड़े उत्सव से कम नहीं है।

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