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IDFC First Bank Scam: हरियाणा बैंक घोटाला: 590 करोड़ लूटकर अफसरों ने की विदेशी यात्राएं, सीबीआई ने खोल दी पोल

AAmandeep Singh
हरियाणा बैंक घोटाला: 590 करोड़ लूटकर अफसरों ने की विदेशी यात्राएं, सीबीआई ने खोल दी पोल
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पंचकूला। हरियाणा के सरकारी महकमों और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के बीच हुए 590 करोड़ रुपये के घोटाले ने पूरे प्रदेश के प्रशासनिक अमले को हिला कर रख दिया है। सीबीआई की रिमांड रिपोर्ट में जो खुलासे हुए हैं, वे किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, मार्केटिंग बोर्ड के राजेश सांगवान, शिक्षा बोर्ड के रणधीर सिंह और एचपीजीसीएल के अमित दीवान ने निजी बैंक के साथ मिलकर भ्रष्टाचार का ऐसा जाल बुना, जिसमें जनता की गाढ़ी कमाई को पानी की तरह बहाया गया। इन अधिकारियों ने सरकारी पैसा बैंक में जमा कराने की एवज में नकदी ही नहीं, बल्कि फाइव स्टार टूर पैकेज और विदेशी यात्राओं की रिश्वत भी ली।

लग्जरी गाड़ियां और शेल कंपनियों का मायाजाल

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सीबीआई की तफ्तीश अब उन कीमती संपत्तियों की ओर मुड़ गई है, जो इस घोटाले के पैसे से खरीदी गईं। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने गबन की गई राशि को सफेद करने के लिए पंजाब और हरियाणा में बड़े पैमाने पर अचल संपत्तियां और महंगी लग्जरी गाड़ियां खरीदीं। इतना ही नहीं, कागजी (शेल) कंपनियां बनाकर उनमें निवेश दिखाया गया और बड़े पैमाने पर सोने की खरीददारी की गई। सीबीआई अब इन गाड़ियों के चेसिस नंबर और संपत्तियों के सेल डीड के जरिए भ्रष्टाचार की कड़ियों को आपस में जोड़ रही है। 27 अप्रैल को हुई सुनवाई के बाद एजेंसी ने साफ संकेत दिए हैं कि इस खेल में अभी कई रसूखदार बैंक अफसरों के नाम सामने आना बाकी है।

अलर्ट के बावजूद सोता रहा विभाग: मिलीभगत या लापरवाही?

इस महाघोटाले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जब सरकारी खातों से शेल कंपनियों को अवैध तरीके से भुगतान किया जा रहा था, तब विभाग के पास बकायदा एसएमएस और ईमेल अलर्ट पहुंच रहे थे। रिमांड रिपोर्ट के अनुसार, जिम्मेदार अधिकारियों ने इन चेतावनियों पर कार्रवाई करने के बजाय जानबूझकर आंखें मूंदे रखीं। सीबीआई ने अदालत को बताया कि यदि ये आरोपी बाहर आते हैं, तो वे अहम डिजिटल साक्ष्य मिटा सकते हैं और जांच को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल, मुख्य आरोपी अंकुर शर्मा समेत अन्य अधिकारियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, लेकिन सीबीआई की रडार पर अभी कई और संदिग्ध हैं।

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