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‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम कौशल के महत्व को कम कर खेल को एकतरफा बना रहा: गिल

JJagmarg Desk
‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम कौशल के महत्व को कम कर खेल को एकतरफा बना रहा: गिल
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अहमदाबाद: गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने बुधवार को आईपीएल में ‘इंपैक्ट प्लेयर’ नियम पर चिंता जताते हुए कहा कि यह ‘खेल से कौशल और चुनौती की अहमियत को कम करता है।’ इस नियम पर पहले भी भारतीय खिलाड़ियों ने आपत्ति जताई है, जिनमें रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या और हाल ही में दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल शामिल हैं।

मुंबई में बुधवार को हुई आईपीएल कप्तानों की बैठक में गिल सहित अधिकांश कप्तानों ने बीसीसीआई से इस नियम की समीक्षा करने की मांग की। यह नियम 2023 में लागू किया गया था और इसे कम से कम 2027 तक बढ़ाया गया है।

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गिल ने कहा कि मेरे व्यक्तिगत विचार से ‘इंपैक्ट प्लेयर’ नहीं होना चाहिए। क्रिकेट सामान्यतः 11 खिलाड़ियों का खेल है। इसमें एक अतिरिक्त बल्लेबाज या गेंदबाज जोड़ने से खेल की वास्तविक चुनौती और खिलाड़ी की कौशल का महत्व कम हो जाता है।

उन्होंने कहा कि खेल में एक निश्चित कौशल होता है। अगर आपकी कुछ मुख्य बल्लेबाज जल्दी आउट हो जाएं, तो टीम को अच्छी स्कोर तक पहुंचाने के लिए रणनीति और कौशल की जरूरत होती है। लेकिन इस एक अतिरिक्त खिलाड़ी से खेल का झुकाव एकतरफा हो गया है। इससे चुनौती भी कम हो गई है। मेरे लिए आसान पिच पर 220 रन का पीछा करने से ज्यादा रोमांच चुनौतीपूर्ण पिच पर 180 या 160 रन का पीछा करने में है।

बीसीसीआई इस नियम पर अंतिम फैसला 2027 के बाद ही ले सकेगा। गिल ने कहा कि यह नियम 2027 तक लागू रहेगा। कप्तानों की बैठक में हमने इस पर चर्चा की थी। मुझे समझ है कि यह खेल को थोड़ी मनोरंजक बनाता है, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर मुझे यह पसंद नहीं है। फैसला बीसीसीआई का होगा।

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