Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

उत्तराखंड में किसान आत्महत्या मामले में 26 के खिलाफ मुकदमा, दो उप-निरीक्षक निलंबित

VVinita Kohli
उत्तराखंड में किसान आत्महत्या मामले में 26 के खिलाफ मुकदमा, दो उप-निरीक्षक निलंबित
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

रुद्रपुर: उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के किसान सुखवंत सिंह की कथित आत्महत्या के मामले में सोमवार को 26 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और लापरवाही बरतने के आरोप में दो पुलिस उप-निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित और 10 अन्य पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इस मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए जाने के एक दिन बाद यह कार्रवाई की गई है। काशीपुर के पैगा गांव निवासी 40 वर्षीय किसान सुखवंत सिंह ने रविवार तड़के नैनीताल जिले में हल्द्वानी के एक होटल के कमरे में कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। घटना से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर किसान ने आरोप लगाया था कि जमीन के नाम पर उससे चार करोड़ रुपये की ठगी की गयी और पुलिस ने भी उसकी शिकायत नहीं सुनी। 

विज्ञापन

पुलिस ने बताया कि मृतक के भाई परविंदर सिंह की तहरीर पर पुलिस कोतवाली आईटीआई में 26 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है जिनमें छह महिलाएं भी शामिल हैं। तहरीर में कहा गया है कि परविंदर और सुखवंत सिंह ने भूखंड खरीदने के लिए प्रॉपर्टी डीलरों तथा मध्यस्थों को 2.80 करोड़ रुपये नकद तथा 1.02 करोड़ रुपये बैंक खाते के माध्यम से दिए थे लेकिन बार-बार कहने के बावजूद उन लोगों ने न तो जमीन की रजिस्ट्री करायी और न ही पैसे वापस किए। तहरीर के अनुसार, प्रॉपर्टी डीलरों ने उसे तथा उसके भाई को शारीरिक और मानसिक रूप से भी काफी परेशान किया जिससे सुखवंत गहरे तनाव में चला गया और उसने आत्महत्या कर ली। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और धोखाधड़ी से करोड़ों रुपये हड़पने के लिए भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 108 एवं 318 (4) के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। 

इस बीच, जमीन के नाम पर सुखवंत सिंह के साथ हुई कथित ठगी की शिकायत पर कार्रवाई करने में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में दो पुलिस उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। ऊधमसिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मणिकांत मिश्रा ने बताया कि कोतवाली आईटीआई के प्रभारी उपनिरीक्षक कुंदन सिंह रौतेला और उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और दोनों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा कोतवाली आईटीआई के अंतर्गत पुलिस चौकी पैगा में तैनात पूरे पुलिस बल को लाइन हाजिर कर दिया गया है जिनमें चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार सहित कुल 10 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। मिश्रा ने कहा कि जिले में किसी भी स्तर पर लापरवाही, संवेदनहीनता या कर्तव्यहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी जनता की सुरक्षा एवं न्याय सुनिश्चित करना है और इसमें किसी भी प्रकार की चूक पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

घटना से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर मृतक किसान ने आपबीती बताते हुए उन लोगों के नाम भी उजागर किए जिन्होंने उसके साथ कथित ठगी की। सिंह ने वीडियो में यह भी कहा कि उसने इस संबंध में ऊधमसिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अन्य पुलिस अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। घटना का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री धामी ने रविवार को मृतक किसान के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की थी और कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश देते हुए कहा था कि इस दुखद घटना से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने दिवंगत किसान के परिजन को भरोसा दिलाया कि सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है और उन्होंने प्रशासन को पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

विज्ञापन

उत्तराखंड की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।