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आज से शहरवासियों पर बढ़ा आर्थिक बोझ: पानी व गारबेज कलेक्शन के रेट बढ़े, कम्युनिटी सेंटर बुकिंग भी हुई महंगी

VVinita Kohli
आज से शहरवासियों पर बढ़ा आर्थिक बोझ: पानी व गारबेज कलेक्शन के रेट बढ़े, कम्युनिटी सेंटर बुकिंग भी हुई महंगी
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चंडीगढ़: बुधवार से नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही शहरवासियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने जा रहा है। यूटी प्रशासन द्वारा लागू वार्षिक संशोधन के तहत पानी के टैरिफ और गारबेज कलेक्शन चार्ज में बढ़ोतरी की गई है, जिसका असर सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। साथ ही बुधवार से कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग भी महंगी हो जाएगी। कैटेगरी के हिसाब के कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग के रेट बढ़ेंगे।  नए प्रावधानों के अनुसार, पानी के टैरिफ की प्रत्येक स्लैब में 5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। साथ ही सीवरेज सेस में भी बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा वार्षिक वृद्धि नियम के तहत गारबेज कलेक्शन चार्ज भी सभी कैटेगरी में 5 प्रतिशत बढ़ जाएगा।

संशोधित दरों के अनुसार, 0 से 15 किलोलीटर (केएल) पानी पर अब 3.47 रुपये प्रति केएल के बजाय 3.64 रुपये प्रति केएल खर्च करना होगा। 16 से 30 केएल की खपत पर दर 6.95 रुपये से बढ़कर 7.30 रुपये प्रति केएल हो जाएगी। 31 से 60 केएल पर 11.58 रुपये की जगह 12.16 रुपये प्रति केएल देना होगा, जबकि 60 केएल से अधिक खपत पर दर 23.15 रुपये से बढ़कर 24.31 रुपये प्रति केएल हो जाएगी। हालांकि यह वृद्धि प्रतिशत के लिहाज से बहुत अधिक नहीं है, लेकिन कम पानी उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को भी अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ेगा।

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उल्लेखनीय है कि यूटी प्रशासन ने 30 मार्च 2022 को वाटर बायलॉज में संशोधन करते हुए 31 से 60 केएल और 60 केएल से अधिक खपत वाली श्रेणियों में दरों में कमी की थी, लेकिन इसके साथ ही वार्षिक बढ़ोतरी की दर 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत कर दी गई थी। यह प्रावधान 1 अप्रैल 2023 से लागू किया गया था। नए नियमों के अनुसार, हर वर्ष 1 अप्रैल को बिना किसी अतिरिक्त मंजूरी या चर्चा के पानी के दाम स्वतः 5 प्रतिशत बढ़ा दिए जाते हैं। यह बढ़ोतरी केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वाणिज्यिक, औद्योगिक इकाइयों, सरकारी कार्यालयों, संस्थानों, होटल, सिनेमा, टैक्सी स्टैंड सहित अन्य सभी श्रेणियों पर भी लागू होगी।

57.88 से 60.77 रुपये पहुंचा दो मरला घरों का गारबेज कलेक्शन चार्ज

शहर में बुधवार से गारबेज कलेक्शन चार्ज में भी सभी श्रेणियों के लिए 5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। नई दरों के अनुसार, दो मरला तक के घरों का मासिक शुल्क 57.88 रुपये से बढ़कर 60.77 रुपये हो जाएगा। दो मरला से 10 मरला तक के मकानों के लिए यह शुल्क 115.76 रुपये से बढ़कर 121.55 रुपये हो जाएगा। 10 मरला से एक कनाल तक के घरों को अब 231.53 रुपये के स्थान पर 243.11 रुपये अदा करने होंगे। इसी प्रकार, एक कनाल से दो कनाल तक के घरों के लिए शुल्क 289.38 रुपये से बढ़कर 303.85 रुपये हो जाएगा, जबकि दो कनाल से अधिक क्षेत्रफल वाले मकानों के लिए गारबेज कलेक्शन चार्ज 405.09 रुपये से बढ़कर 425.34 रुपये हो जाएगा।

आज से लागू होगी नई एक्साइज पॉलिसी, रेट में दो प्रतिशत की होगी बढ़ोतरी

बुधवार से नई एक्साइज पॉलिसी भी लागू हो जाएगी। इसके बाद शराब के रेट भी नई एक्साइज पॉलिसी के हिसाब से ही लागू होने हैं। हालांकि शराब के रेट में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। केवल दो प्रतिशत रेट ही बढ़ाने प्रस्तावित किए गए हैं। शराब के नए ठेकों का आवंटन होने के बाद 1 अप्रैल से यह शुरू हो जाएंगे। इस एक्साइज पॉलिसी की प्रमुख विशेषताओं में डिपार्टमेंटल स्टोर्स में शराब लाइसेंस की पुनः शुरुआत, बार लाइसेंसधारियों द्वारा निकटवर्ती दो दुकानों से शराब की खरीद, रिटेल वेंड्स के लिए सुरक्षा राशि में वृद्धि तथा शराब के परिवहन के लिए जीपीएस प्रणाली को अनिवार्य करना शामिल है। 

नई पॉलिसी के तहत होटल, बार, रेस्टोरेंट और पब में शराब परोसने वाले लाइसेंसधारकों के लिए अल्कोमीटर की सुविधा अनिवार्य की गई है। नई पॉलिसी में  शराब तस्करी रोकने के लिए सीसीटीवी सर्विलेंस बढ़ाने को कहा गया है। सभी शराब विक्रेताओं के लिए हर बिक्री पर बिल जारी करना अनिवार्य होगा और पीओएस मशीन के माध्यम से डिजिटल भुगतान की सुविधा भी देनी होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर प्रति घटना 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

आज से लागू होंगे नए कलेक्टर रेट, प्रापर्टी खरीदना होगा महंगा

शहर में प्रापर्टी खरीदना बुधवार से महंगा हो रहा है। यूटी प्रशासन ने कलेक्टर रेट्स में संशोधन कर दिया है, जो बुधवार  से लागू होंगे। नए रेट्स के तहत रिहायशी, कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल सभी श्रेणियों में 15 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। सेक्टर-1 से 12 तक के रिहायशी क्षेत्रों में जमीन का कलेक्टर रेट बढ़ाकर 2,37,900 रुपये प्रति वर्ग गज कर दिया गया है, जो पहले 1,78,600 रुपये था। इसी तरह सेक्टर-14 से 37 के लिए यह दर 1,47,600 रुपये से बढ़ाकर 1,81,300 रुपये प्रति वर्ग गज कर दी गई है। 

वहीं, सेक्टर-38 और उससे आगे के क्षेत्रों में रिहायशी जमीन का नया कलेक्टर रेट 1,33,200 रुपये प्रति वर्ग गज तय किया गया है। इंडस्ट्रियल हाउस के लिए भी अलग-अलग कलेक्टर रेट तय किए गए हैं। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और फेज-2 में जमीन का कलेक्टर रेट 86,000 रुपये प्रति वर्ग गज प्रस्तावित किया गया है जो पहले 83,100 रुपये प्रति वर्ग गज था। कॉमर्शियल क्षेत्रों के लिए भी अलग-अलग दरें प्रस्तावित की गई हैं। पहली अप्रैल से बूथ, शाप और नगर निगम की दूसरी संपत्ति के किराये में भी पांच से दस प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी।

प्रापर्टी टैक्स जमा करने के लिए आज से शुरू होगी सेल्फ असेसमेंट स्कीम

शहर में हाउस और प्रापर्टी टैक्स जमा करवाने वालों के लिए नगर निगम की सेल्फ असेसमेंट स्कीम बुधवार से शुरू होगी। यह स्कीम 31 मई तक चलेगी। सेल्फ असेसमेंट स्कीम के तहत 1 अप्रैल से 31 मई तक पूरी राशि का भुगतान करने पर रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर 20 फीसदी और कमर्शियल एवं इंस्टीट्यूशनल प्रॉपर्टी पर 10 फीसदी छूट का लाभ उठाया जा सकता है। इसके बाद 1 जून से टैक्स जमा करवाने वालों को 25 फीसदी जुर्माना के साथ 12 फीसदी ब्याज का भी भुगतान करना होगा। 

ऑनलाइन के साथ साथ लोग शहर के ई संपर्क सेंटर में ही आकर टैक्स जमा करवा सकते हैं। नगर निगम के अनुसार कुल एक लाख 37 शहर की ईमारतें हैं जो कि हाउस और प्रापर्टी टैक्स के अंतर्गत आती है। शहर में 55 गज से ऊपर के मकान में रहने वालों पर हाउस टैक्स लगता है। पिछले साल 1 अप्रैल से रेजिडेंशियल और कामर्शियल प्रापर्टी टैक्स में बढ़ोतरी की गई थी। लेकिन, इस साल बढ़ोतरी नहीं की गई है।

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