नागपुर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि भारत को सही मायने में विकसित तभी कहा जा सकता है जब सभी को प्रगति का समान अवसर मिले। नागपुर में ब्रह्मकुमारियों द्वारा आयोजित ‘एकता और विश्वास के माध्यम से महाराष्ट्र का स्वर्ण युग’ अभियान की शुरूआत करने के बाद राष्ट्रपति ने यह बात कही।
मुर्मू ने कहा कि हमें नकारात्मकता को त्यागकर सकारात्मकता को अपनाना होगा। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज को न्याय और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में वर्णित किया। इस अभियान का उद्देश्य पूरे महाराष्ट्र में विश्वास, सद्भाव, एकता और मानवीय मूल्यों के प्रति सम्मान को बढ़ावा देना है।
ब्रह्मकुमारियों ने इस पहल के लिए आठ मार्गदर्शक सिद्धांत निर्धारित किए हैं, जिनमें नशामुक्त समाज का निर्माण, सतत जीवनशैली को प्रोत्साहित करना, स्वच्छता सुनिश्चित करना, नागरिक उत्तरदायित्व को मजबूत करना, मानवीय सेवा के लिए तत्परता को बढ़ावा देना, मूल्य-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना, योग के माध्यम से अनुशासित जीवन को प्रोत्साहन और हरित एवं सतत महाराष्ट्र की दिशा में कार्य करना शामिल है।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत, राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और ब्रह्मकुमारियों के वरिष्ठ पदाधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

