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Indian Railways GDCE Recruitment: भारतीय रेलवे GDCE भर्ती 2026: अब सीधी भर्ती जैसा होगा पेपर, बोर्ड ने जारी किया नया सिलेबस

AAmandeep Singh
भारतीय रेलवे GDCE भर्ती 2026: अब सीधी भर्ती जैसा होगा पेपर, बोर्ड ने जारी किया नया सिलेबस
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दिल्ली। भारतीय रेलवे ने अपने कर्मचारियों की कार्यक्षमता और तकनीकी ज्ञान को परखने के लिए प्रमोशन के नियमों को और अधिक कड़ा कर दिया है। रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर अजय गोयल द्वारा जारी नवीनतम आदेशों के अनुसार, विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (GDCE) के पूरे ढांचे को बदल दिया गया है। अब ग्रुप-सी के पदों पर पदोन्नति चाहने वाले कर्मचारियों को उसी कठिन दौर से गुजरना होगा, जिसे एक नया अभ्यर्थी सीधी भर्ती के दौरान झेलता है। बोर्ड का मानना है कि इस बदलाव से रेलवे को अधिक दक्ष और तकनीकी रूप से सुदृढ़ कार्यबल (Workforce) मिलेगा।

परीक्षा का बदला स्वरूप: एक ही चरण में तय होगा भविष्य

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नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, तकनीशियन, जूनियर इंजीनियर (JE) और एनटीपीसी (NTPC) के स्नातक व गैर-स्नातक पदों के लिए अब केवल एक ही कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) आयोजित किया जाएगा। यह परीक्षा ठीक उसी तर्ज पर होगी, जैसे रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) सीधी भर्ती के दूसरे चरण की परीक्षा लेता है। इससे पहले विभागीय परीक्षाओं का स्तर थोड़ा सरल माना जाता था, लेकिन अब उच्च पदों पर बैठने के लिए कर्मचारियों को अपनी विषयगत पकड़ और सामान्य ज्ञान को फ्लैगशिप स्तर तक ले जाना होगा।

असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) के लिए तय हुआ ‘कठिन’ सिलेबस

असिस्टेंट लोको पायलट के पदों के लिए बोर्ड ने तस्वीर पूरी तरह साफ कर दी है। अब 100 अंकों का एक वस्तुनिष्ठ (Objective) प्रश्न पत्र होगा, जिसके लिए अभ्यर्थियों को पूरे 2 घंटे यानी 120 मिनट दिए जाएंगे। परीक्षा में गणित, जनरल इंटेलिजेंस, बेसिक साइंस एंड इंजीनियरिंग और ट्रेड स्पेसिफिक सेक्शन से 25-25 प्रतिशत सवाल पूछे जाएंगे। खास बात यह है कि गलत उत्तर देने पर एक-तिहाई (1/3) अंक काट लिए जाएंगे, जिससे तुक्का मारने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। ट्रेड स्पेसिफिक सेक्शन में कर्मचारी को अपने तकनीकी कार्यक्षेत्र की गहरी जानकारी साबित करनी होगी।

अधूरी पड़ी भर्तियों पर गिरेगी गाज, दोबारा हो सकते हैं आवेदन

रेलवे बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। जिन रेलवे जोन में अभी तक CBT आयोजित नहीं हुई है, वहां पुराने विज्ञापनों को निरस्त कर या संशोधित कर नए सिरे से नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है। विशेष रूप से ALP के मामलों में, जहाँ अभी प्रक्रिया अटकी हुई है, वहां कर्मचारियों को नए पैटर्न के अनुसार आवेदन करने का मौका देना अनिवार्य होगा। बोर्ड ने सभी जोनल मुख्यालयों और उत्पादन इकाइयों को सख्त हिदायत दी है कि भविष्य की सभी विभागीय सूचनाएं इसी नए और पारदर्शी पैटर्न के आधार पर निकाली जाएं।

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