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Indian Railways KMA Hike: खुशखबरी: ट्रेन ड्राइवरों के किलोमीटर भत्ते (KMA) में बड़ा इजाफा, रेल मंत्रालय ने दी मंजूरी

AAmandeep Singh
खुशखबरी: ट्रेन ड्राइवरों के किलोमीटर भत्ते में बड़ा इजाफा, रेल मंत्रालय ने दी मंजूरी
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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे के उन लाखों जांबाजों के लिए यह नवरात्रि बेहद खास होने जा रही है, जो दिन-रात पटरियों पर दौड़ती ट्रेनों की कमान संभालते हैं। रेल मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत फैसला लेते हुए लोको पायलट, सहायक लोको पायलट (ALP) और ट्रेन मैनेजर्स (गार्ड्स) के किलोमीटर भत्ते (KMA) में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। सरकार के इस कदम से न केवल कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

क्या है KMA और क्यों है यह रनिंग स्टाफ के लिए अहम?

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रेलवे की कार्यप्रणाली आम दफ्तरों से जुदा है। स्टेशन मास्टर या बाबू की तरह रनिंग स्टाफ (ड्राइवर और गार्ड) एक निश्चित दफ्तर में बैठकर ड्यूटी नहीं करते। उन्हें अपनी शिफ्ट के दौरान सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। इसी कठिन परिश्रम और सफर की भरपाई के लिए उन्हें सामान्य महंगाई भत्ते (DA) के बजाय किलोमीटर भत्ता (KMA) दिया जाता है। यह भत्ता उनके द्वारा तय की गई वास्तविक दूरी के आधार पर कैलकुलेट होता है। इसमें एक ‘न्यूनतम गारंटी’ का भी प्रावधान है, जो यह सुनिश्चित करता है कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी को कम दूरी तय करने पर भी एक सम्मानजनक राशि मिल सके।

50% DA का ‘मैजिक नंबर’ और भत्तों का गणित

रेलवे के नियमों के मुताबिक, जैसे ही महंगाई भत्ता (DA) मूल वेतन का 50 प्रतिशत छू लेता है, वैसे ही अन्य भत्तों में 25 प्रतिशत की स्वतः बढ़ोतरी का नियम लागू हो जाता है। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में DA को 50% करने के बाद से ही रेलवे यूनियनें KMA में बढ़ोतरी की मांग कर रही थीं। ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने इस जीत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, “यह रेलकर्मियों के संघर्ष और एकजुटता का परिणाम है। नवरात्रि के पावन अवसर पर इससे बेहतर उपहार रनिंग स्टाफ के लिए नहीं हो सकता था।”

जेब पर कितना पड़ेगा असर?

इस 25% की बढ़ोतरी का सीधा असर रनिंग स्टाफ की ‘टेक-होम सैलरी’ यानी हाथ में आने वाले वेतन पर पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी लोको पायलट को पहले प्रति किलोमीटर के हिसाब से जो राशि मिलती थी, अब उसमें सीधे तौर पर एक-चौथाई हिस्से का इजाफा हो जाएगा। लंबी दूरी की मालगाड़ियों और एक्सप्रेस ट्रेनों को चलाने वाले ड्राइवरों के लिए यह राशि महीने के अंत में हजारों रुपयों का अंतर पैदा करेगी। रेलवे बोर्ड अब इस फैसले के क्रियान्वयन के लिए औपचारिक अधिसूचना जारी करने की तैयारी में है, जिसके बाद अप्रैल महीने के वेतन के साथ कर्मचारियों को यह बढ़ा हुआ लाभ मिल सकता है।

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