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IPL Purple Cap 2026: टॉप-5 गेंदबाजों में शामिल हुए सिर्फ दो भारतीय, चेन्नई के इस युवा ने किया हैरान

AAmit Gupta
IPL Purple Cap 2026: टॉप-5 गेंदबाजों में शामिल हुए सिर्फ दो भारतीय, चेन्नई के इस युवा ने किया हैरान
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IPL Purple Cap 2026 : क्रिकेट प्रेमियों की धड़कनें बढ़ा देने वाले दो महीने के लंबे सफर के बाद आखिरकार आईपीएल 2026 के 19वें सीजन की दो सर्वश्रेष्ठ टीमें सामने आ चुकी हैं। कुल 70 लीग मुकाबलों की मारामारी और फिर प्लेऑफ के कड़े इम्तिहान को पार कर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) ने फाइनल में जगह बनाई है। अब इन दोनों दिग्गजों के बीच 31 मई को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में चमचमाती ट्रॉफी के लिए फाइनल टक्कर होगी। मैदान पर उतरने वाली दोनों टीमों के तेवरों को देखकर साफ है कि दर्शकों को एक हाई-वोल्टेज मैच देखने को मिलने वाला है।

गुजरात टाइटंस ने क्वालिफायर-2 के अहम मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से एकतरफा शिकस्त देकर फाइनल का टिकट हासिल किया है। पूरे सीजन में बल्ले और गेंद की जो जंग देखने को मिली, उसने रोमांच को चरम पर पहुंचाए रखा। इस साल सबसे ज्यादा प्रभावित घरेलू क्रिकेट से निकलकर आए युवा खिलाड़ियों ने किया है, जिन्होंने दुनिया के धाकड़ बल्लेबाजों को अपनी गेंदों पर जमकर नचाया।

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रबाडा का कब्जा, भुवी की चुनौती बरकरार

राजस्थान के खिलाफ मैदान पर कहर बरपाने वाले गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा अब इस सीजन के सबसे सफल गेंदबाज बनकर उभरे हैं। रबाडा ने 16 मैचों में विरोधी टीम के 28 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया और पर्पल कैप अपने नाम कर ली। दूसरी तरफ, आरसीबी के अनुभवी स्विंग मास्टर भुवनेश्वर कुमार अब दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं। भुवी के खाते में 15 मैचों में 26 विकेट दर्ज हैं और उनके पास 31 मई के फाइनल मैच में रबाडा को पछाड़ने का आखिरी मौका होगा।

पर्पल कैप की इस रेस में शामिल टॉप-5 गेंदबाजों पर नजर डालें तो इस बार भारतीय गेंदबाजों की संख्या कम दिखती है। तीसरे नंबर पर राजस्थान रॉयल्स के जोफ्रा आर्चर हैं जिन्होंने 16 मैचों में 25 विकेट झटके। चौथे स्थान पर चेन्नई सुपर किंग्स की नई सनसनी अंशुल कंबोज हैं, जो 14 मैचों में 21 विकेट लेकर सबको चौंका रहे हैं। वहीं, पांचवें पायदान पर सनराइजर्स हैदराबाद के ईशान मलिंगा 20 विकेट के साथ बने हुए हैं।

पर्पल कैप का पुराना इतिहास

साल 2008 में जब आईपीएल की शुरुआत हुई थी, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह कैप गेंदबाजों के सम्मान का सबसे बड़ा पैमाना बन जाएगी। पहले सीजन में राजस्थान रॉयल्स के सोहेल तनवीर ने महज 11 मैचों में 22 विकेट लेकर पहली पर्पल कैप जीती थी। वहीं पिछले सीजन यानी साल 2025 की बात करें तो गुजरात के ही प्रसिद्ध कृष्णा ने 15 मैचों में 25 विकेट झटककर इस खिताब पर अपना कब्जा जमाया था।

आईपीएल के अब तक के 18 सालों के इतिहास में भारतीय और विदेशी गेंदबाजों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली है। इस सूची में भारतीय खिलाड़ी 10-8 के अंतर से आगे चल रहे हैं। ड्वेन ब्रावो, भुवनेश्वर कुमार और हर्षल पटेल ही ऐसे तीन गेंदबाज हैं जिन्होंने दो-दो बार इस ट्रॉफी पर हाथ साफ किया है। इसमें भी भुवनेश्वर कुमार के नाम लगातार दो सीजन (2016, 2017) पर्पल कैप अपने पास रखने का एक ऐसा रिकॉर्ड है, जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ पाया।

डबल धमाका करने वाले तीन खुशकिस्मत गेंदबाज

क्रिकेट के इस फटाफट फॉर्मेट में पर्पल कैप जीतना अपने आप में बड़ी बात है, लेकिन उसी साल अपनी टीम को चैंपियन बनाना सोने पर सुहागा जैसा है। आईपीएल के इतिहास में अब तक केवल तीन ही ऐसे गेंदबाज हुए हैं जो एक ही सीजन में सबसे ज्यादा विकेट भी ले पाए और खिताबी जीत का जश्न भी मना सके।

साल 2008 में सोहेल तनवीर ने राजस्थान रॉयल्स को अपनी गेंदबाजी के दम पर पहला खिताब दिलाया और खुद पर्पल कैप विनर बने। इसके ठीक अगले साल यानी 2009 में डेक्कन चार्जर्स के आरपी सिंह ने 23 विकेट चटकाकर टीम को चैंपियन बनाया और खुद नंबर वन गेंदबाज बने। इस लिस्ट में तीसरा नाम भुवनेश्वर कुमार का है, जिन्होंने साल 2016 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए 23 विकेट लिए और टीम को पहली बार आईपीएल का सरताज बनाया। अब देखना यह है कि 31 मई को कगिसो रबाडा या भुवनेश्वर कुमार में से कौन इस खास क्लब में एंट्री मारता है।

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