जयपुर के एक निजी हॉस्पिटल में लगी आग: ओटी और एमआईसीयू में भरा धुआं, शॉर्ट सर्किट से आग की आशंका
जयपुर के निम्स हॉस्पिटल में आग से मची भगदड़
Jaipur News: जयपुर-दिल्ली हाईवे पर स्थित निम्स हॉस्पिटल में शुक्रवार देर रात आग लगने से अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चंदवाजी इलाके में स्थित इस अस्पताल में रात करीब 11 बजे आग की घटना हुई। उस समय अस्पताल में मरीज भर्ती थे और उनके परिजन भी मौजूद थे। अचानक आग की लपटें उठने और धुआं फैलने से लोगों में दहशत फैल गई। आग अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद ऑपरेशन थिएटर की छत की फॉल सीलिंग में लगी थी। कुछ ही देर में ओटी और एमआईसीयू क्षेत्र में धुआं भर गया। अस्पताल के इन हिस्सों में धुआं फैलने के बाद मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। हालात को देखते हुए मरीजों को वार्डों से बाहर निकालना पड़ा। अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को जैसे ही आग लगने का पता चला, वे अपने मरीजों को लेकर बाहर की ओर भागने लगे। कुछ परिजनों ने खुद ही मरीजों को वार्ड से बाहर निकाला। वहीं, पुलिस और अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी मरीजों को सुरक्षित बाहर पहुंचाने की कोशिश की गई।
ऑपरेशन थिएटर की फॉल सीलिंग में उठीं लपटें
पुलिस के अनुसार, आग निम्स हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज के ग्राउंड फ्लोर पर बने ऑपरेशन थिएटर की छत की फॉल सीलिंग में लगी। आग की लपटें उठने के बाद वहां धुआं फैलने लगा। देखते ही देखते ओटी और एमआईसीयू क्षेत्र में धुआं भर गया। अस्पताल के अंदर धुआं फैलने से वहां मौजूद मरीजों और कर्मचारियों के बीच हलचल बढ़ गई। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल घटना के शुरुआती विवरण के मुताबिक आग ऑपरेशन थिएटर की छत की फॉल सीलिंग में लगी थी और इसके बाद आसपास के हिस्सों में धुआं फैल गया। अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर और एमआईसीयू जैसे संवेदनशील हिस्सों में धुआं भरने से मरीजों को वहां रखना मुश्किल हो गया। ऐसे में मरीजों को वार्ड से बाहर निकालने की जरूरत पड़ी। घटना के दौरान अस्पताल में मौजूद लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता मरीजों को सुरक्षित बाहर पहुंचाने की थी।
आग लगने की जानकारी मिलते ही अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के बीच हड़कंप मच गया। कई परिजन अपने मरीजों को लेकर वार्ड से बाहर निकलने लगे। कुछ मरीजों को अस्पताल के कर्मचारियों और पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया, जबकि कुछ को उनके परिजन खुद ही लेकर बाहर पहुंचे। अस्पताल में अचानक बने हालात के कारण मरीजों को वार्डों से बाहर करना पड़ा। मरीजों के साथ आए परिजन भी उनके आसपास ही रहे, ताकि उन्हें अकेला न छोड़ना पड़े। आग और धुएं के बीच अस्पताल के अंदर से मरीजों को बाहर निकालने की प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण रही। इस दौरान अस्पताल परिसर में लोगों की हलचल बढ़ गई। मरीजों को बाहर निकालने के बाद उनके परिजन भी परिसर में ही रुक गए। गंभीर मरीजों को भी अस्पताल से बाहर खुले स्थान पर रहना पड़ा। ऐसे मरीजों के परिजनों के लिए रात का समय काफी मुश्किल भरा रहा।
आग बुझाने के इंतजामों पर उठे सवाल
घटना के बाद अस्पताल में आग बुझाने के इंतजामों को लेकर भी सवाल उठे हैं। आरोप है कि आग बुझाने के उचित उपाय नहीं होने के कारण समय पर राहत नहीं मिल सकी। अस्पताल प्रबंधन से जुड़े कर्मचारी भी आग लगने के बाद इधर-उधर भागते रहे। इस स्थिति के बीच मरीजों को बाहर निकालने की कोशिश की गई। अस्पताल जैसे स्थान पर आग लगने की स्थिति में मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालना और आग पर जल्द काबू पाना बेहद जरूरी होता है। खासकर ऑपरेशन थिएटर और एमआईसीयू जैसे हिस्सों में भर्ती मरीजों को अचानक बाहर निकालना आसान नहीं होता। ऐसे में आपातकालीन व्यवस्था और आग बुझाने के उपकरणों की उपलब्धता अहम हो जाती है। इस घटना में भी मरीजों और उनके परिजनों को अचानक वार्ड छोड़कर बाहर आना पड़ा। आग बुझाने के इंतजामों को लेकर सामने आए आरोपों के बाद अस्पताल की आपातकालीन तैयारियों पर सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में आग बुझाने के उपकरणों की स्थिति और आग पर काबू पाने में लगे समय का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।
आग लगने के बाद अस्पताल से बाहर निकाले गए मरीजों और उनके परिजनों की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। कुछ गंभीर मरीजों को अस्पताल परिसर में खुले में ही रात बितानी पड़ी। उनके परिजन भी मरीजों के साथ बाहर रुके रहे। अस्पताल के अंदर आग और धुएं के कारण मरीजों को वार्ड में रखना संभव नहीं हो पा रहा था। गंभीर मरीजों के लिए अस्पताल से बाहर खुले में रात बिताना और भी मुश्किल रहा। ऐसे मरीजों को लगातार देखभाल की जरूरत होती है। इसके बावजूद आग की घटना के बाद उन्हें बाहर रहना पड़ा। परिजन अपने मरीजों के साथ परिसर में मौजूद रहे और रात वहीं गुजारी। अचानक हुई इस घटना ने मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी में डाल दिया। अस्पताल में इलाज के लिए आए लोगों को देर रात आग के कारण वार्ड छोड़ना पड़ा। वहीं, परिजनों को मरीजों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ उनके इलाज और देखभाल की चिंता भी सताती रही।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
पुलिस के शुरुआती आकलन के मुताबिक आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है। आग ऑपरेशन थिएटर की छत की फॉल सीलिंग में लगी थी। इसके बाद ओटी और एमआईसीयू क्षेत्र में धुआं फैल गया। हालांकि, शॉर्ट सर्किट की आशंका को अभी आग लगने का अंतिम कारण नहीं माना जा सकता। घटना के दौरान मरीजों को वार्डों से बाहर निकालना पड़ा और कुछ गंभीर मरीजों को खुले में रात गुजारनी पड़ी। अस्पताल में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के आरोप भी सामने आए हैं। आग की वास्तविक वजह और अस्पताल में सुरक्षा इंतजामों से जुड़ी स्थिति की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। जयपुर-दिल्ली हाईवे पर स्थित निम्स हॉस्पिटल में हुई इस घटना ने अस्पताल में आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। देर रात हुई इस घटना के चलते मरीजों और उनके परिजनों को अचानक मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा।
