Jalandhar Medical Store Raid Drugs : जालंधर कमिश्नरेट पुलिस को गुप्त सूचना मिल रही थी कि बस्ती बावा खेल अड्डा के पास कुछ मेडिकल स्टोरों पर नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से नशीली दवाइयां बेची जा रही हैं। इस सूचना को पुख्ता करने के लिए एसीपी आतिश भाटिया, एसएचओ संजीव सूरी और ड्रग इंस्पेक्टर अमित बंसल के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम का गठन किया गया।
योजना के मुताबिक पुलिस ने एक फर्जी ग्राहक को उन मेडिकल स्टोरों पर भेजा। उस शख्स ने दुकान से एक हजार रुपये की नशीली दवाइयां खरीदीं। जैसे ही सौदा पक्का हुआ और अवैध दवाओं की खरीद-फरोख्त की पुष्टि हुई, बाहर मुस्तैद बैठी थाना बस्ती बावा खेल, थाना नंबर-5 की पुलिस और ड्रग विभाग की टीमों ने दोनों दुकानों पर एक साथ दबिश दे दी।
शातिर तरीका: पत्तों से निकालकर डिब्बों में रखी जाती थीं गोलियां
छापेमारी के दौरान पुलिस और ड्रग अधिकारियों ने पाया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से इस अवैध धंधे को चला रहा था। नशीली गोलियों को उनके मूल पत्तों (स्ट्रिप्स) से निकालकर एक अलग डिब्बे में खुला रखा गया था, ताकि किसी को आसानी से शक न हो सके।
दुकानों की गहन तलाशी लेने के बाद पुलिस ने आरोपी संचालक आनंद के घर पर भी छापेमारी की। पुलिस की इस कार्रवाई में दोनों दुकानों और घर से कुल मिलाकर 100 से अधिक प्रतिबंधित नशीली गोलियां बरामद की गईं। मौके से आरोपी बाप-बेटे को दबोच लिया गया, जिनसे पूछताछ की जा रही है कि वे यह खेप कहां से लाते थे।
पहले भी जेल जा चुका है मुख्य आरोपी, अब लाइसेंस रद्द करने की तैयारी
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी पहले भी नशीली दवाइयां बेचने के आरोप में पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है और जेल की हवा खा चुका है। हालांकि, जमानत पर बाहर आने के बाद उसने अपनी पुरानी हरकतों से बाज न आते हुए दोबारा यही अवैध धंधा शुरू कर दिया।
अब प्रशासन ने इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया है। ड्रग इंस्पेक्टर की तरफ से संबंधित विभागों को पत्र लिखकर दोनों मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द करने की सिफारिश भेज दी गई है। इसके साथ ही दुकानों को सील करने की कानूनी प्रक्रिया भी तेजी से पूरी की जा रही है, ताकि क्षेत्र में नशा बेचने वालों के हौसले पूरी तरह पस्त किए जा सकें।

