Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

जम्मू: फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले के विरोध में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने विरोध मार्च निकाला

VVinita Kohli
जम्मू: फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले के विरोध में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने विरोध मार्च निकाला
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

जम्मू: जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने बृहस्पतिवार को जम्मू में अपने अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले के विरोध में एक विरोध मार्च निकाला और घटना की गहन जांच तथा “कानून और व्यवस्था की बहाली” की मांग की। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार रात जम्मू के बाहरी इलाके ग्रेटर कैलाश में एक शादी समारोह से निकलते समय अब्दुल्ला (88) बाल-बाल बच गए, जब एक बंदूकधारी ने उन पर पीछे से गोली चला दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिसकी पहचान पुरानी मंडी निवासी 63 वर्षीय कमल सिंह जामवाल के रूप में हुई है, जिसने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया कि वह पिछले 20 वर्षों से अब्दुल्ला को निशाना बनाने के अवसर की प्रतीक्षा कर रहा था।

नेकां के झंडे और “कानून व्यवस्था बहाल करो” और “गोलीबारी की घटना की जांच करो” लिखे बैनर लिए सैकड़ों कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जम्मू में पार्टी मुख्यालय, शेर-ए-कश्मीर भवन से अपना विरोध मार्च शुरू किया। “हमें न्याय चाहिए” और “फारूक अब्दुल्ला जिंदाबाद” जैसे नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारी शहर के केंद्र की ओर बढ़े। पुलिस ने उन्हें रघुनाथ बाजार में रोक दिया जिसके चलते सुरक्षाकर्मियों द्वारा आगे बढ़ने से रोकने के कारण थोड़ी धक्का-मुक्की हुई। हालांकि, कुछ प्रदर्शनकारी सिटी चौक की ओर बढ़ने में कामयाब रहे, जहां उन्होंने कुछ देर धरना दिया और फिर तितर-बितर हो गए।

विज्ञापन

पत्रकारों से बात करते हुए पूर्व मंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता अजय सधोत्रा ​​ने इस घटना को “सुरक्षा में बड़ी चूक” बताया। सधोत्रा ​​ने कहा कि अगर अब्दुल्ला के साथ मौजूद निजी सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते हस्तक्षेप न किया होता तो स्थिति एक “बड़ी त्रासदी” में बदल सकती थी। उन्होंने कहा, “हमलावर ने पिस्तौल निकाली, लेकिन डॉ. अब्दुल्ला के पीछे मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उन्हें पीछे खींच लिया और गोली हवा में चली गई।” उन्होंने मांग की कि कानून व्यवस्था को मुख्यमंत्री के नियंत्रण में रखा जाए ताकि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति में सुधार हो सके।

पार्टी के जम्मू क्षेत्र के प्रांतीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता ने भी इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि इससे राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं। गुप्ता ने कहा, “अगर फारूक साहब जैसे नेता ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों का क्या होगा? उन्होंने हमेशा हिंदू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सद्भाव की वकालत की है।” नेकां की महिला विंग की नेता बिलमा लूथरा ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा, “हमारे विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य यह है कि कानून व्यवस्था को मजबूत किया जाए और उमर साहब के अधीन रखा जाए ताकि लोग सुरक्षित वातावरण में रह सकें।”

विज्ञापन

जम्मू-और-कश्मीर की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।