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CRSU Jind Clerk Suspended: जींद में पीएचडी छात्रा से छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग, आरोपी क्लर्क सस्पेंड

AAmandeep Singh
CRSU Jind Clerk Suspended: जींद में पीएचडी छात्रा से छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग, आरोपी क्लर्क सस्पेंड
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जींद। जींद का प्रतिष्ठित चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय इस समय एक बड़े विवाद के केंद्र में है। विश्वविद्यालय परिसर के भीतर ही एक महिला शोधार्थी (PhD Scholar) की सुरक्षा और गरिमा को ठेस पहुंचाने का मामला प्रकाश में आया है। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी (DPRO) विजय कुमार ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एक पीएचडी छात्रा ने कैंपस के ही एक गैर-शिक्षण कर्मचारी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा का आरोप है कि उक्त कर्मचारी ने न केवल उसके साथ अश्लील हरकतें और छेड़छाड़ की, बल्कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे मानसिक रूप से ब्लैकमेल भी किया जा रहा था।

कौशल रोजगार योजना के तहत हुई थी नियुक्ति, वीसी ने दिखाया बाहर का रास्ता

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शिकायत के मुताबिक, आरोपी कर्मचारी कोई नियमित क्लर्क नहीं है, बल्कि सरकार की हरियाणा कौशल रोजगार योजना के जरिए विश्वविद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहा था। एक स्कॉलर के साथ इस तरह के दुर्व्यवहार की खबर जैसे ही कुलपति (वीसी) की टेबल पर पहुंची, प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। कुलपति ने बिना कोई समय गंवाए आरोपी क्लर्क को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए। इसके साथ ही, मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एक विशेष जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है, जो पीड़िता और आरोपी दोनों के बयान दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ेगी।

कैंपस में महिला सुरक्षा पर उठे सवाल, पुलिस केस को लेकर अभी संशय

यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता विजय कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल प्रशासन को इस मामले में पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज होने के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। लेकिन उन्होंने यह जरूर साफ कर दिया कि आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि जांच में क्लर्क के खिलाफ लगे आरोपों की पुष्टि होती है, तो उसे केवल निलंबन पर नहीं रखा जाएगा, बल्कि तुरंत नौकरी से परमानेंट टर्मिनेट (बर्खास्त) कर दिया जाएगा।

बहरहाल, इस घटना ने एक बार फिर हरियाणा के उच्च शिक्षण संस्थानों में महिला छात्रों और शोधार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। देखना होगा कि जांच कमेटी कितनी जल्दी अपनी रिपोर्ट सौंपती है और पीड़िता को कब तक न्याय मिलता है।

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