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Jind News: जींद में फूटी बधाना माइनर: डाहौला गांव के खेतों में घुसा सैलाब, 80 एकड़ फसल पूरी तरह तबाह

AAmandeep Singh
Jind News: जींद में फूटी बधाना माइनर: डाहौला गांव के खेतों में घुसा सैलाब, 80 एकड़ फसल पूरी तरह तबाह
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जींद। हरियाणा के जींद जिले से किसानों की कमर तोड़ने वाली एक बेहद परेशान करने वाली खबर सामने आई है। शुक्रवार की सुबह डाहौला गांव के किसानों के लिए किसी दुःस्वप्न जैसी रही। यहां की बधाना माइनर अचानक ओवरफ्लो होने के बाद टूट गई, जिससे देखते ही देखते करीब 80 एकड़ में लहलहाती फसलें जलमग्न हो गईं। सुबह जब किसान हमेशा की तरह अपने खेतों का रुख कर रहे थे, तो रास्ते में पानी का सैलाब देखकर उनके होश उड़ गए। खेतों में पानी इस कदर भर चुका था कि कइयों के बोरवेल डूब गए और धान की कीमती पौध के साथ-साथ पशुओं का हरा चारा पूरी तरह बर्बाद हो गया।

प्रशासन के खिलाफ फूटा किसानों का गुस्सा, सफाई न होने का आरोप

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इस तबाही को देखकर डाहौला गांव के किसानों का गुस्सा जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के खिलाफ सातवें आसमान पर पहुंच गया। किसानों का सीधा और स्पष्ट आरोप है कि यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि पूरी तरह से महकमे की लापरवाही का नतीजा है। ग्रामीणों ने बताया कि बधाना माइनर के किनारे काफी समय से जर्जर और कमजोर हो चुके थे, जिससे हर वक्त टूटने का खतरा मंडरा रहा था। इस संबंध में सिंचाई विभाग को कई बार लिखित और मौखिक चेतावनियां भी दी गई थीं, लेकिन अफसरों ने वक्त रहते सुध नहीं ली। अगर समय पर माइनर की सफाई और मरम्मत हो जाती, तो आज किसानों को यह दिन न देखना पड़ता।

तेज बहाव के आगे बेबस दिखी मशीनें, मैन्युअल काम शुरू

हादसे की खबर मिलते ही सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) आसिफ अपनी तकनीकी टीम और दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती दौर में भारी-भरकम जेसीबी मशीनों की मदद से मिट्टी डालकर माइनर की दरार को पाटने की कोशिश की गई, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि शुरुआती प्रयास नाकाम रहे। इसके अलावा, माइनर के आसपास जगह कम होने के कारण जेसीबी को सही एंगल से काम करने में भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति बेकाबू होते देख विभाग ने तुरंत उच्च अधिकारियों से संपर्क साधकर पीछे से हेड से पानी की सप्लाई बंद करवाई।

अंधड़ को बताया जा रहा वजह, कट्टों के सहारे दरार भरने की जंग

विवाद और लापरवाही के आरोपों के बीच विभागीय अधिकारियों ने अपनी सफाई पेश की है। जेई आसिफ ने मौके पर संवाददाताओं को बताया कि बीती रात क्षेत्र में आए तेज अंधड़ की वजह से पेड़ों की भारी टहनियां और सूखे पत्ते माइनर में आ गिरे थे। इस मलबे के कारण पानी का रास्ता ब्लॉक हो गया और ओवरफ्लो होने की वजह से माइनर का तटबंध कमजोर होकर टूट गया। उन्होंने कहा कि चूंकि मशीनरी के लिए जगह कम है, इसलिए अब विभाग के मजदूर रेत से भरे कट्टों की मदद से मैन्युअल तरीके से दरार को बंद करने की जद्दोजहद में जुटे हैं। पानी बंद होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही बहाव पर पूरी तरह काबू पा लिया जाएगा।

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