Jind Julana Sanitation Workers Protest: हरियाणा के जींद जिले में ग्रामीण अंचल की स्वच्छता व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों के सब्र का बांध सोमवार को आखिरकार टूट गया। पिछले दो महीने से मानदेय न मिलने से आक्रोशित ग्रामीण सफाईकर्मियों ने जुलाना स्थित ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। सुरेश करसोला की अध्यक्षता में एकजुट हुए कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। हाथों में मांग पट्टिकाएं लिए सफाईकर्मियों ने चेतावनी दी कि अब आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, जब तक पूरा बकाया भुगतान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
राशन से लेकर बच्चों की फीस तक के लाले, गहराया आर्थिक संकट
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे हर सुबह गांव-गांव जाकर गंदगी साफ करते हैं और महामारी जैसी स्थितियों से लोगों को बचाते हैं। लेकिन विडंबना देखिए कि दूसरों की सेहत का ख्याल रखने वाले इन कर्मचारियों के अपने घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। दो महीने से एक पैसा न मिलने के कारण घर का राशन खत्म हो चुका है, दुकानदारों ने उधार देना बंद कर दिया है और बच्चों की स्कूल फीस न भरने के कारण उनकी पढ़ाई पर भी तलवार लटक रही है।
‘मेहनताने के लिए हर बार सड़क पर उतरना दुर्भाग्यपूर्ण’
यूनियन के नेताओं ने प्रशासनिक रवैये पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि गांव-देहात को स्वच्छ रखने में ग्रामीण सफाईकर्मी सबसे मजबूत कड़ी हैं। इसके बावजूद उन्हें अपने जायज हक और खून-पसीने की कमाई के लिए बार-बार प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। समय पर वेतन पाना कोई खैरात नहीं बल्कि उनका संवैधानिक अधिकार है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनके बैंक खातों में बकाया मानदेय जमा नहीं हो जाता, तब तक बीडीपीओ कार्यालय के बाहर यह अनिश्चितकालीन धरना बदस्तूर जारी रहेगा।

