Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Kaithal News: कैथल में 1962 के शहीद कर्मचंद की प्रतिमा खंडित, गर्दन काटकर नीचे गिराई, गांव में भारी तनाव

GGaganpreet Kaur
कैथल में 1962 के शहीद कर्मचंद की प्रतिमा खंडित, गर्दन काटकर नीचे गिराई, गांव में भारी तनाव
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

कैथल। हरियाणा के कैथल जिले से एक ऐसी खबर आई है जिसने न केवल कानून व्यवस्था बल्कि हमारी सामाजिक नैतिकता को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। कलायत क्षेत्र के ऐतिहासिक गांव बालू (गादडा पट्टी) में किसान रोड पर स्थापित देश के गौरव, शहीद सिपाही कर्मचंद की प्रतिमा को कुछ अज्ञात शरारती तत्वों ने रात के अंधेरे में खंडित कर दिया। वीर शहीद की प्रतिमा के साथ की गई इस बर्बरता की खबर जैसे ही रविवार सुबह गांव में फैली, देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों का हुजूम जुट गया। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले योद्धा के इस अपमान से ग्रामीणों का खून उबल रहा है और पूरे इलाके में भारी तनाव व आक्रोश का माहौल है।

चेहरे को काटकर नीचे गिराया, ग्रिल तोड़कर वारदात को दिया अंजाम

विज्ञापन

ग्राम पंचायत और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, यह कायराना हरकत शनिवार देर रात अंजाम दी गई। उपद्रवियों ने न सिर्फ प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया, बल्कि सिपाही कर्मचंद की प्रतिमा की गर्दन और चेहरे को धड़ से काटकर नीचे जमीन पर फेंक दिया। हैरानी की बात यह है कि प्रतिमा की सुरक्षा के लिहाज से उसके चारों तरफ मजबूत लोहे की ग्रिल लगाई गई थी, लेकिन उपद्रवियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने ग्रिल को भी क्षतिग्रस्त कर डाला। सुबह जब वहां से गुजर रहे किसानों ने इस मंजर को देखा, तो तुरंत इसकी सूचना गांव के मौजिज लोगों और सरपंच को दी।

2024 में ही हुआ था अनावरण, संजोई थी वीर की यादें

बालू गांव के सरपंच दिनेश कुमार ने बेहद भावुक और कड़े शब्दों में इस घटना की निंदा करते हुए बताया कि सिपाही कर्मचंद ने साल 1962 में चीन के खिलाफ देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए थे। उनकी शहादत और शौर्य को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए गांव ने बड़े मान-सम्मान के साथ इस प्रतिमा को स्थापित किया था। अभी पिछले साल, यानी 2024 में ही जिला पार्षद करमबीर कौल ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ इस प्रतिमा का अनावरण किया था। ग्रामीणों का कहना है कि शहीद किसी एक परिवार या गांव का नहीं बल्कि पूरे देश का होता है, और ऐसा कृत्य करने वाले लोग समाज के सबसे बड़े दुश्मन हैं।

कलायत पुलिस ने शुरू की तफ्तीश, जल्द गिरफ्तारी का दावा

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलायत थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई। सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम ने घटना स्थल का मुआयना किया और वहां से साक्ष्य जुटाए। कलायत थाना प्रभारी (SHO) सुभाष चंद ने बताया कि गांव के सरपंच दिनेश कुमार की तरफ से पुलिस को औपचारिक शिकायत मिल चुकी है। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को शांत करते हुए आश्वासन दिया कि पुलिस इस मामले को बेहद संजीदगी से ले रही है। आसपास के रास्तों और संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि बहुत जल्द इन असामाजिक तत्वों को बेनकाब कर उनके खिलाफ ऐसी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी जो मिसाल बनेगी।

विज्ञापन

कैथल की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।